पहली ही मूसलाधार बारिश में डोंगरगढ़ जलमग्न, केदारबाड़ी सहित कई इलाकों में घरों में घुसा पानी

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ शहर में पहली मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। केदारबाड़ी, कालकापारा, टिकरापारा और रेलवे चौक सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय नागरिकों ने वर्षों से चली आ रही ड्रेनेज समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

Jul 5, 2026 - 14:49
 0  3
पहली ही मूसलाधार बारिश में डोंगरगढ़ जलमग्न, केदारबाड़ी सहित कई इलाकों में घरों में घुसा पानी

UNITED NEWS OF ASIA. राजनांदगांव l राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ शहर में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। केदारबाड़ी, कालकापारा, टिकरापारा और रेलवे चौक जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कई घरों में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया।

सबसे अधिक प्रभावित केदारबाड़ी कॉलोनी रही, जहां जलभराव के कारण लोगों को घरों से निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। कई बार नगर पालिका को लिखित शिकायत देने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी के निर्माण के समय उचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं बनाई गई थी। इसके कारण बारिश का पानी निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता और पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। जलभराव से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस बार हालात पहले की तुलना में और अधिक गंभीर हैं।

नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित इलाकों से जल्द पानी निकाला जाए, साफ-सफाई कराई जाए और जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने शहर में आधुनिक और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग भी उठाई है, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

हालांकि इस संबंध में नगर पालिका के पक्ष को जानने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका था। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आगामी दिनों में लगातार होने वाली बारिश से स्थिति और गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि केवल अस्थायी उपायों से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। शहर में वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी नेटवर्क विकसित करना, नालों की नियमित सफाई करना और वर्षा जल प्रबंधन की प्रभावी योजना बनाना समय की आवश्यकता है। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों से शीघ्र पानी निकालना, बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखना और जरूरतमंद परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस बार उनकी वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।