उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठक, वीबी-जी राम जी अधिनियम पर हुई विस्तृत चर्चा

उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों ने मुलाकात कर विभिन्न मांगों पर चर्चा की। बैठक में वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध मजदूरी भुगतान और ग्रामीण विकास से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

Dec 30, 2025 - 17:50
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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों की बैठक, वीबी-जी राम जी अधिनियम पर हुई विस्तृत चर्चा

 UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में राज्यभर से आए जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने-अपने जिलों से जुड़ी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इस दौरान मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों से संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए उन पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगा।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी दी जाएगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा तथा आजीविका संवर्धन जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है। इसके साथ ही कमजोर वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान को अनिवार्य बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता और विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।

नवीन अधिनियम में जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास और मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष ध्यान दिया गया है। किसानों के हित में फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजनाओं पर भी अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से यूपीआई आधारित कर संग्रहण, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली और ग्राम संपदा मोबाइल एप के जरिए परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए प्रस्तावित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।