मरवाही में संत शिरोमणि सेन जी महाराज की 726वीं जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई
मरवाही में संत शिरोमणि सेन जी महाराज की 726वीं जयंती समाजजनों द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठन विस्तार पर जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही क्षेत्र में संत शिरोमणि संत सेन जी महाराज की 726वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सेन/श्रीवास समाज द्वारा गायत्री मंदिर परिसर मरवाही में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। उपस्थित समाजजनों ने संत सेन जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत सेन जी महाराज के जीवन, उनके त्याग और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि संत सेन जी महाराज ने समाज में समानता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। वक्ताओं ने उनके विचारों को अपनाकर समाज को एकजुट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में समाज के संगठन को मजबूत करने, सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का आधार है और युवाओं को इसके प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
बैठक में स्वरोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए छोटे-छोटे व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को अपनाना चाहिए, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
कार्यक्रम में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई। समाज के लोगों ने युवा प्रकोष्ठ और महिला प्रकोष्ठ के विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे समाज में नई ऊर्जा और नेतृत्व का विकास होगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और सामाजिक भोज का आयोजन किया गया। इस भोज में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया और आपसी भाईचारे तथा एकता का संदेश दिया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज को संगठित करने और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।