रायपुर में अंबेडकर जयंती पर मुस्लिम समाज ने किया पुष्पांजलि कार्यक्रम, भाईचारे का दिया संदेश

रायपुर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर मुस्लिम समाज एवं राष्ट्रीय हुसैन सेना द्वारा पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों का सम्मान कर भाईचारे और एकता का संदेश दिया गया।

Apr 15, 2026 - 13:33
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रायपुर में अंबेडकर जयंती पर मुस्लिम समाज ने किया पुष्पांजलि कार्यक्रम, भाईचारे का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l  भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर रायपुर में मुस्लिम समाज एवं राष्ट्रीय हुसैन सेना के तत्वावधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अंबेडकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अंबेडकर जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संविधान और समानता के मूल्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में “देश का संविधान जिंदाबाद” के नारों के साथ वातावरण गूंज उठा।

इस अवसर पर बौद्ध समाज के प्रमुखों का सम्मान भी किया गया। बौद्ध समाज के अध्यक्ष संजय गजगड़े, महासचिव राहुल रामटेके एवं कोषाध्यक्ष राष्ट्रपाल वान्दे का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान शैलेश भाई द्वारा हुसैनी सेना के पदाधिकारियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जो सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का प्रतीक रहा।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय हुसैन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहिल रऊफी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेख अमीन, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निहाल, जिला अध्यक्ष आमिर खान, मार्गदर्शक नुमान अकरम, मुमताज भाई, जिला प्रभारी सूफी अवेश, प्रदेश सचिव शेख हाफिजुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष वासिद भाई एवं जिला महामंत्री दिलशाद हुसैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उन्हें अपनाकर ही एक समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।

कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग से ही समाज में शांति और विकास संभव है। मुस्लिम समाज और बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों की संयुक्त उपस्थिति ने इस बात को और मजबूत किया कि समाज में एकता और भाईचारा सर्वोपरि है।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल अंबेडकर जयंती का उत्सव था, बल्कि सामाजिक समरसता और सद्भाव का एक सशक्त उदाहरण भी बनकर सामने आया।