अंबेडकर जयंती समारोह में बिछड़ा मासूम, महिला आरक्षक ने मानवता की मिसाल पेश कर मिलाया परिजनों से
रायपुर में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के दौरान एक मासूम बच्चा परिजनों से बिछड़ गया, जिसे महिला आरक्षक कीर्ति नेताम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट चौक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जिसने पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल पेश की।
तपती धूप और हजारों लोगों की भीड़ के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में एक नन्हा बालक अर्णव अपने परिजनों से बिछड़ गया। भीड़भाड़ और अफरा-तफरी के बीच अर्णव रोते हुए इधर-उधर भटक रहा था, जिससे वह काफी घबराया हुआ था।
इसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात नव आरक्षक कीर्ति नेताम, जो वर्तमान में माना पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTS) में प्रशिक्षणरत हैं, की नजर उस रोते हुए बच्चे पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसे गोद में उठाकर शांत कराया।
कीर्ति नेताम ने अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए तुरंत अपने साथियों को इस बारे में जानकारी दी और बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद टीम के सहयोग से बच्चे के परिवार को खोजने का प्रयास जारी रखा।
कुछ ही समय में उनकी मेहनत रंग लाई और अर्णव के माता-पिता का पता चल गया। इसके बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया। अपने बच्चे को सकुशल देखकर परिजनों की आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी, वहीं बच्चे के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।
इस पूरी घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पुलिस के प्रति उनका विश्वास और भी मजबूत हुआ। लोगों ने कीर्ति नेताम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मानवता और सेवा का भी प्रतीक है।
इस मौके पर यह संदेश भी सामने आया कि पुलिस की ड्यूटी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का पालन करना भी उसका अहम हिस्सा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यदि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, तो हर परिस्थिति में सकारात्मक परिणाम संभव हैं। कीर्ति नेताम की यह पहल निश्चित रूप से अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।