डीसीपी मयंक गुर्जर ने किया थाना उरला का वार्षिक निरीक्षण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने दिए निर्देश

डीसीपी (नार्थ जोन) मयंक गुर्जर ने थाना उरला का वार्षिक निरीक्षण कर रिकॉर्ड, मालखाना और लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कानून-व्यवस्था मजबूत करने, वारंट तामिली तेज करने और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

Apr 28, 2026 - 12:12
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डीसीपी मयंक गुर्जर ने किया थाना उरला का वार्षिक निरीक्षण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l पुलिस प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 27 अप्रैल 2026 को पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन)  मयंक गुर्जर ने थाना उरला का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, रिकॉर्ड संधारण और पुलिस कार्यप्रणाली का गहन एवं सूक्ष्म परीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीसीपी  गुर्जर ने थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और सुव्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मालखाना का भी निरीक्षण करते हुए वहां रखी जप्त संपत्ति और सामग्री के उचित संधारण, अभिलेखीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मालखाना में रखे सभी सामान का रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने अपराध रजिस्टर, अन्य अभिलेखों तथा लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। लंबित मामलों के शीघ्र और प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वारंटी की तामिली में तेजी लाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

डीसीपी ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित गश्त बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय पुलिसिंग पर जोर दिया। इसके साथ ही सम्मन और वारंट की प्रभावी तामील सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

थाना उरला के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण डीसीपी ने पर्यावरण संरक्षण के पहलुओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने थाना परिसर में ग्रीन बेल्ट विकसित करने, बाउंड्री वॉल को सुदृढ़ बनाने और लंबे समय से जप्त वाहनों एवं अन्य सामग्री के विधिसम्मत निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। डीसीपी ने थाना स्टाफ को निर्देशित किया कि वे आमजन के साथ मधुर और प्रभावी संवाद स्थापित करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें। उन्होंने पुलिस कर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, अनुशासित और जिम्मेदार रहने की सीख दी।

महिला एवं बाल सुरक्षा के मामलों में संवेदनशीलता बरतने और साइबर अपराधों के मामलों में तत्परता से कार्रवाई करने पर भी डीसीपी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम और सतर्क रहना जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें पुरस्कृत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, अनुशासनहीनता या वर्दी संबंधी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात भी कही गई।

इस अवसर पर थाना प्रभारी सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। डीसीपी ने सभी को टीमवर्क के साथ बेहतर कार्य निष्पादन के लिए प्रेरित किया और उम्मीद जताई कि थाना उरला भविष्य में और अधिक प्रभावी तरीके से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएगा।