मुंगेली में फर्जी राशन कार्ड से चावल घोटाले का आरोप, कुंवारे युवाओं को विवाहित बताकर बनाया गया राशन कार्ड: कांग्रेस
मुंगेली जिले के लालपुर ग्राम पंचायत में फर्जी राशन कार्ड बनाकर चावल की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर राशन माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुंगेली जिले में फर्जी राशन कार्ड बनाकर चावल की हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के गृह जिले मुंगेली में ही गरीबों के हक के चावल की खुलेआम लूट की जा रही है और यह खेल बीते एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा है।
कांग्रेस के अनुसार, मुंगेली जिले की लोरमी तहसील अंतर्गत लालपुर ग्राम पंचायत के मारुकापा गांव में दर्जनों फर्जी राशन कार्ड पाए गए हैं। इन राशन कार्डों में कुंवारे युवाओं को विवाहित दर्शाया गया, साथ ही उनके नाम पर काल्पनिक पत्नी और बच्चों के नाम भी दर्ज कर दिए गए। हैरानी की बात यह है कि जिन युवाओं के नाम पर ये राशन कार्ड बनाए गए, उन्हें स्वयं इसकी जानकारी तक नहीं है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि इन फर्जी राशन कार्डों के माध्यम से गरीबों को मिलने वाला चावल सालभर से अधिक समय से राशन माफिया द्वारा हड़पा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल मुंगेली जिले तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में इसी तरह का फर्जीवाड़ा भाजपा सरकार के संरक्षण में किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्व की रमन सिंह सरकार का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 55 लाख से अधिक फर्जी राशन कार्ड बनाकर करीब 36 हजार करोड़ रुपये का नान घोटाला किया गया था। अब एक बार फिर उसी तरह की साजिश दोहराई जा रही है। जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है, जबकि माफिया चावल की कालाबाजारी कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद जनवरी 2024 में राशन कार्डों का नवीनीकरण और केवाईसी कराई गई थी। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में कार्ड काटे गए और अब उन्हीं की जगह नए फर्जी राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं, ताकि चावल की हेराफेरी को अंजाम दिया जा सके।
कांग्रेस का यह भी कहना है कि प्रदेशभर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि राशन दुकानदार अंगूठा लगवाकर चावल कम दे रहे हैं। गरीब और जरूरतमंद लोग राशन के लिए भटक रहे हैं, जबकि सरकार की चुप्पी से यह साफ है कि राशन माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
प्रदेश कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।