जन विश्वास कानून से पूंजीपतियों को लाभ, गरीब-मजदूरों के खिलाफ है भाजपा सरकार का संशोधन: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ में लागू जन विश्वास कानून को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने और गरीबों के खिलाफ कानून बनाने का आरोप लगाया है।

Jan 8, 2026 - 15:48
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जन विश्वास कानून से पूंजीपतियों को लाभ, गरीब-मजदूरों के खिलाफ है भाजपा सरकार का संशोधन: कांग्रेस

UNITED  NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में लागू किए गए “जन विश्वास कानून” को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने इस कानून को गरीब, मजदूर और श्रमिक विरोधी बताते हुए कहा कि यह विधेयक अफसरों की राय पर तैयार किया गया है और इसका सीधा लाभ पूंजीपतियों को मिलेगा।

सुरेन्द्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने 8 महत्वपूर्ण कानूनों के 163 उपबंधों में संशोधन बिना किसी सार्वजनिक परामर्श के कर दिए। न तो प्रभावित वर्गों से चर्चा की गई, न ही विधेयक के ड्राफ्ट को सार्वजनिक किया गया और न ही दावा-आपत्ति के लिए समय दिया गया। उन्होंने कहा कि न विशेषज्ञों की राय ली गई और न ही विधानसभा में इस पर सार्थक चर्चा हुई। विपक्ष की अनुपस्थिति में शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन इसे ध्वनि मत से जबरन पारित किया गया, जो भाजपा के अधिनायकवादी रवैये को दर्शाता है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कानून का उद्देश्य अपराधियों में सजा का भय बनाए रखना होना चाहिए, लेकिन जन विश्वास कानून इसके विपरीत कार्य करता है। संशोधित प्रावधानों में कारावास के बजाय केवल आर्थिक दंड (पेनल्टी) का प्रावधान किया गया है। इससे पैसे वाले अपराधी जुर्माना भरकर आसानी से बच निकलेंगे, जबकि गरीब व्यक्ति आर्थिक दंड न चुका पाने की स्थिति में जेल जाने को मजबूर होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह दावा कि इससे अपराधीकरण कम होगा, पूरी तरह तथ्यहीन है। वास्तव में इससे भ्रष्टाचार और अनुचित प्रभाव को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि जुर्माने के जरिए अपराधों को वैध बनाने जैसा माहौल बनेगा।

सुरेन्द्र वर्मा ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम में किए गए संशोधनों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सजा के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान उद्योगपतियों के हौसले बढ़ाएगा और श्रमिक संगठनों को दबाने का रास्ता खोलेगा। इसी तरह नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम और छत्तीसगढ़ सहकारी समिति अधिनियम में किए गए संशोधनों को भी अनुचित बताया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा से पारित एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण, डीम्ड मंडी एक्ट और विश्वविद्यालय संशोधन जैसे 9 महत्वपूर्ण विधेयक आज भी राजभवन में लंबित हैं, जबकि जन विश्वास कानून को सरकार ने त्वरित रूप से लागू कर दिया। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में जनहित नहीं, बल्कि पूंजीपतियों के हित सर्वोपरि हैं।