ई-20 पेट्रोल पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, वाहनों को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों की माइलेज कम हो रही है और इंजन सहित अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। पार्टी ने इस नीति की वैज्ञानिक समीक्षा की मांग की है।

Jul 14, 2026 - 12:49
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ई-20 पेट्रोल पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, वाहनों को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की ई-20 पेट्रोल नीति को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण किए जाने से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि इस ईंधन के उपयोग से वाहनों की माइलेज प्रभावित होने के साथ-साथ इंजन और ईंधन प्रणाली के विभिन्न हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल लागू करने से पहले इसके प्रभावों का व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त तैयारी और परीक्षण के इस नीति को लागू किया गया, जिससे पुराने वाहनों के उपयोगकर्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस का दावा है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से कई वाहनों की माइलेज कम हो रही है और इंजन के प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस नीति के कारण वाहन मालिकों पर रखरखाव और मरम्मत का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

प्रेस विज्ञप्ति में विशेषज्ञों के हवाले से यह भी कहा गया है कि एथेनॉल हवा से नमी तेजी से अवशोषित करता है। कांग्रेस का कहना है कि पुराने वाहनों में लगे धातु के फ्यूल टैंक और फ्यूल पंप में नमी के कारण जंग लगने की संभावना बढ़ सकती है, जिससे ईंधन प्रणाली और इंजन प्रभावित हो सकते हैं।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि अप्रैल 2023 से पहले निर्मित या केवल ई-10 ईंधन के अनुरूप डिजाइन किए गए वाहनों में रबर सील, गैस्केट, प्लास्टिक पार्ट्स और फ्यूल पाइप एथेनॉल के अधिक संपर्क में आने से कमजोर हो सकते हैं। पार्टी का दावा है कि लंबे समय तक ऐसे वाहनों में ई-20 पेट्रोल के उपयोग से फ्यूल इंजेक्टर और अन्य महंगे पुर्जों को नुकसान पहुंच सकता है।

प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र सरकार से ई-20 पेट्रोल नीति की वैज्ञानिक समीक्षा कराने और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि वाहन निर्माताओं, विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं की राय को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि किसी नई ईंधन नीति को लागू किया जाता है तो उससे पहले आम लोगों को पर्याप्त जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक तैयारी का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वाहन मालिकों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।