चिरमिरी नगर निगम में 'मास्टर माइंड' की एंट्री! ठेकेदार और सहयोगी ने मिलकर लूटा सरकारी खजाना

चिरमिरी नगर निगम में एक ठेकेदार और उसके 'मास्टर माइंड' सहयोगी पर फर्जी बिलिंग और टेंडर हेराफेरी के जरिए लाखों की सरकारी राशि लूटने का आरोप लगा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने बिना काम किए भुगतान निकालने और मनमाने रेट पर टेंडर आवंटित करने का रैकेट चलाया। अधिकारी मौन हैं, जबकि जनता और पार्षदों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

Oct 30, 2025 - 12:57
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चिरमिरी नगर निगम में 'मास्टर माइंड' की एंट्री! ठेकेदार और सहयोगी ने मिलकर लूटा सरकारी खजाना

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, चिरमिरी।  चिरमिरी नगर पालिक निगम (MCMC) में भ्रष्टाचार का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। निगम के भीतर एक प्रभावशाली ठेकेदार और उसके ‘मास्टर माइंड सहयोगी’ के गठजोड़ ने सरकारी खजाने को खुलकर लूटने का सिलसिला शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क फर्जी बिलिंग, बिना कार्य किए भुगतान और मनमाने रेट पर टेंडर जारी करने के जरिए करोड़ों रुपये के घोटाले को अंजाम दे रहा है।

 

फर्जी बिलिंग और हेराफेरी का खेल
सूत्र बताते हैं कि ठेकेदार और उसका सहयोगी मिलकर हर छोटे-बड़े कार्य का प्रस्ताव खुद तैयार करते हैं और अधिकारियों की मिलीभगत से उसे मंजूर करवा लेते हैं। ऐसे कार्य जिनका मूल्य लगभग 12,000 रुपये होना चाहिए, उन्हें 40,000 से 50,000 रुपये के रेट पर आवंटित किया जा रहा है। यानी सरकारी राशि का बड़ा हिस्सा सीधे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।

कई मामलों में तो बिना पूरा काम किए ही फर्जी बिल बनाकर भुगतान ले लिया गया है। कुछ परियोजनाओं में तो सिर्फ दस्तावेजों पर काम दिखाकर सरकारी धन निकाला गया है, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं हुआ।

अधिकारियों की चुप्पी सवालों में
नगर निगम के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस ठेकेदार और उसके ‘मास्टर माइंड’ की पकड़ इतनी मजबूत है कि अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं। उनका रसूख इतना गहरा है कि कोई भी कर्मचारी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। बताया जा रहा है कि राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के चलते यह भ्रष्टाचार बेखौफ होकर चल रहा है।

जनता और पार्षदों की सख्त प्रतिक्रिया
चिरमिरी के नागरिकों और कई पार्षदों ने इस पूरे प्रकरण पर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम में चल रही यह “लूट की राजनीति” शहर के विकास को बाधित कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार और उच्चाधिकारियों से तत्काल उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन पर निगाहें
अब पूरा शहर इस बात पर नज़र रखे हुए है कि प्रशासन इस घोटाले के खिलाफ क्या कदम उठाता है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है। जनता चाहती है कि चिरमिरी नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ी जाएं और पारदर्शी शासन व्यवस्था बहाल हो।