छत्तीसगढ़ में रसोई गैस संकट पर कांग्रेस का हमला, लंबी लाइनों और देरी पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने गैस की कमी, लंबी लाइनों और आपूर्ति में देरी को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, तो फिर गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें क्यों लग रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर के लिए लोगों को 25 से 30 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय सीमा 45 दिन तक पहुंच गई है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब एक गैस सिलेंडर सामान्यतः 25 से 28 दिनों में खत्म हो जाता है, तो ग्रामीण परिवार इतने लंबे समय तक खाना कैसे बनाएं। उन्होंने कहा कि पहले लोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में लकड़ी या चूल्हे का उपयोग करते थे, लेकिन अब लकड़ी की कमी और धुएं के कारण यह विकल्प भी लगभग समाप्त हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खुद स्वीकार करती है कि चूल्हे के धुएं से महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, फिर भी समय पर गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। ऐसे में यह स्थिति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि गैस सिलेंडर की रिफिलिंग की समय सीमा को पहले की तरह 21 दिन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैस की कालाबाजारी पर सरकार नियंत्रण नहीं कर पा रही है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि केवाईसी के नाम पर लाखों हितग्राहियों को गैस सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें गैस उपलब्ध करानी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वैकल्पिक ईंधन के रूप में मिट्टी तेल की आपूर्ति का वादा किया गया था, लेकिन वह भी धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल दावे कर रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने गैस एजेंसियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है और विवाद की स्थिति बन रही है। ऐसे मामलों में दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने अंत में सरकार से मांग की कि रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था को सुधारते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि हर उपभोक्ता को बिना किसी परेशानी के समय पर गैस उपलब्ध हो सके।