यह योजना खासतौर पर बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है, ताकि वे पुराने बकाया बिजली बिलों के बोझ से मुक्त हो सकें। योजना के तहत मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में बड़ी राहत दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल मिल रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 12539 निष्क्रिय उपभोक्ताओं को लाभ मिल चुका है, जबकि 13722 पात्र सक्रिय उपभोक्ताओं में भी योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत आने वाले चार जिलों—राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी—में यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।
विभिन्न विद्युत संभागों में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। इनमें पंडरिया संभाग में सबसे अधिक 8533, कवर्धा संभाग में 4983, मोहला में 1363, राजनांदगांव में 980, खैरागढ़ में 812, डोंगरगढ़ में 757 और डोंगरगांव में 154 उपभोक्ता शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना को लेकर लोगों में जागरूकता और सहभागिता बढ़ रही है।
लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा अब तक करीब 1 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए की बकाया राशि भी जमा की जा चुकी है, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिली है, बल्कि बिजली विभाग की वित्तीय स्थिति भी मजबूत हो रही है।
सीएसपीडीसीएल के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए 66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। विभाग की टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को योजना की जानकारी दे रही हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं पर 31 मार्च 2023 से पहले के बिजली बिल बकाया हैं, वे इस योजना का लाभ उठाएं और समय रहते अपने बकाया का निपटारा करें। इससे वे आर्थिक बोझ से मुक्त होकर निर्बाध बिजली सेवा का लाभ ले सकेंगे।
यह योजना न केवल आर्थिक राहत देने का कार्य कर रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित कर रही है। समय पर बिल भुगतान और बकाया निपटान से बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी मदद मिल रही है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना कबीरधाम सहित पूरे क्षेत्र में एक सफल पहल साबित हो रही है, जो गरीब और किसान वर्ग के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन चुकी है।