छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव विशेष: धमतरी में महिलाओं और बच्चों के जीवन में आई नई रोशनी, योजनाओं ने दी आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की दिशा

छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव अवसर पर धमतरी जिले में महिलाओं और बच्चों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखा गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, महतारी वंदन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और बच्चों को सुरक्षित भविष्य की दिशा दी है।

Oct 28, 2025 - 15:33
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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव विशेष: धमतरी में महिलाओं और बच्चों के जीवन में आई नई रोशनी, योजनाओं ने दी आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की दिशा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी। छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 1 नवंबर को रजत महोत्सव मनाने जा रहा है। इन पच्चीस वर्षों में राज्य ने विकास के कई आयामों में उल्लेखनीय प्रगति की है। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में शासन द्वारा संचालित योजनाओं ने समाज की जमीनी तस्वीर को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

धमतरी जिले में इन योजनाओं का प्रभाव साफ दिखाई देता है। हजारों परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना वर्ष 2005-06 से संचालित है, जिसके अंतर्गत अब तक 2066 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। इसी प्रकार नोनी सुरक्षा योजना (2014) से 6316 हितग्राहियों को शिक्षा और भविष्य के लिए वित्तीय संबल मिला।

सुकन्या समृद्धि योजना (2015) ने बेटियों की बचत और वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाई है। जिले की 44,182 बालिकाएँ इस योजना का लाभ उठा रही हैं। वहीं दिशा दर्शन योजना (2012-13) से 892 हितग्राहियों को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिले हैं।

हाल ही में प्रारंभ महतारी वंदन योजना (2024) ने मातृत्व सुरक्षा और पोषण सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। धमतरी में 2,31,662 हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। इसके साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (2017) से 58,822 माताओं को सुरक्षित मातृत्व का सहयोग मिला है।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना (2003-04) और महिला कोष सक्षम योजना (2009-10) के तहत 1641 महिलाओं को आर्थिक सहायता मिली है।

बाल कल्याण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना (2009) से 1129 बच्चों को शैक्षिक और सामाजिक सहयोग प्राप्त हुआ। वहीं पूरक पोषण आहार योजना (2025) ने 65,433 हितग्राहियों को पोषण सुरक्षा प्रदान कर कुपोषण उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।

इन सभी योजनाओं ने धमतरी जिले की महिलाओं और बच्चों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में स्थायी परिवर्तन लाया है।
रजत महोत्सव के अवसर पर यह कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 25 वर्षों में न केवल विकास का नया अध्याय लिखा है, बल्कि महिलाओं और बच्चों के जीवन में सशक्त बदलाव लाने का सफल उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

राज्य अब “नवा छत्तीसगढ़” की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।