बलरामपुर में पत्रकार को धमकी: खबर चलाने से नाराज दबंगों ने रास्ता रोककर दी जान से मारने की धमकी

बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में खबर चलाने से नाराज कुछ दबंगों द्वारा एक पत्रकार को रास्ते में रोककर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पत्रकार ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।

Jun 10, 2026 - 18:38
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बलरामपुर में पत्रकार को धमकी: खबर चलाने से नाराज दबंगों ने रास्ता रोककर दी जान से मारने की धमकी

UNITED NEWS OF ASIA.अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र से पत्रकार सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। यहां MKN न्यूज़ चैनल में कार्यरत पत्रकार दयाशंकर यादव को खबर चलाने से नाराज कुछ दबंगों द्वारा रास्ते में रोककर गाली-गलौज, हाथापाई और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कोठली निवासी पत्रकार दयाशंकर यादव सोमवार 08 जून 2026 की सुबह लगभग 10 बजे अपने घर से शंकरगढ़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम नवाडीह कला परसुआमा के पास पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया।

आरोप है कि आशीष यादव, अजीत यादव और उनके कुछ सहयोगियों ने ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल सड़क पर खड़ी कर पत्रकार को रोक लिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। बताया गया कि आरोपियों ने खबर चलाने को लेकर नाराजगी जताई और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई भी की।

पीड़ित पत्रकार के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से धमकी दी कि यदि आगे उनके खिलाफ या उनके संबंध में कोई खबर चलाई गई तो जान से मार दिया जाएगा या झूठे मामले में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का प्रयास हैं और इससे पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पीड़ित पत्रकार दयाशंकर यादव ने इस पूरे मामले की शिकायत शंकरगढ़ थाने में दर्ज कराने की बात कही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर अब तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

इस घटना के बाद कुसमी और शंकरगढ़ क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।