जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को नदी किनारे अचानक तेज बदबू आने लगी। जब कुछ ग्रामीण उस स्थान पर पहुंचे तो देखा कि कुत्ते नदी किनारे रेत को खोद रहे थे। इस दौरान रेत से मानव शरीर का हिस्सा दिखाई देने लगा। पास जाकर देखने पर पता चला कि एक युवक का शव रेत में दबा हुआ है, जिसका कमर से नीचे का हिस्सा बाहर नजर आ रहा था। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना मदनवाड़ा थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही चार मार्च को मदनवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद शव को रेत से बाहर निकलवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पांच मार्च 2026 को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू की। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में मृतक की उम्र लगभग 20 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार शव करीब सात दिन पुराना प्रतीत हो रहा है, जिसके कारण उसमें सड़न की स्थिति भी दिखाई दे रही थी और चेहरा भी स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। इस कारण मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
फॉरेंसिक जांच और शुरुआती जांच के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई है। इसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को नदी के अंदर रेत में दबा दिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
मदनवाड़ा थाना प्रभारी खोमन भंडारी ने बताया कि शव लगभग एक सप्ताह पुराना प्रतीत हो रहा है और प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की संभावना सामने आई है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस टीम आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही है और हाल ही में लापता हुए लोगों की जानकारी भी जुटा रही है, ताकि मृतक की पहचान की जा सके। साथ ही पुलिस इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक की हत्या किन परिस्थितियों में और किन लोगों द्वारा की गई।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द मृतक की पहचान और आरोपियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि घटना का सच सामने आ सके। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।