पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के अनुसार फरियादी रविन्द्रसिंह पिता नटवरसिंह भाटी (72 वर्ष) निवासी डॉन बास्को रोड, माताजी मंदिर के पीछे, आलीराजपुर ने थाना कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 7 फरवरी 2026 को वह अपनी पत्नी रंजना भाटी के साथ अपने पुत्र मिथुन के पास इंदौर गए हुए थे। जब वे वापस घर लौटे तो घर के दाहिने तरफ की गली का दरवाजा खुला हुआ मिला और उसकी चटकनी टूटी हुई थी।
घर के अंदर जाकर जांच करने पर पता चला कि उनके पुत्र मिथुन के कमरे की अलमारी का ताला भी टूटा हुआ था। अलमारी में रखा सोने के हार सेट का बॉक्स पलंग पर खाली पड़ा मिला। जांच करने पर पता चला कि उसमें रखा सोने का हार, सोने की लटकन, सोने का लॉकेट, चांदी की पायल, चांदी के कड़े और चांदी की बिछिया चोरी हो चुकी थी। अज्ञात चोर घर की चटकनी तोड़कर जेवरात लेकर फरार हो गए थे।
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 91/2026 के तहत धारा 331(4) और 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल और एसडीओपी अश्वनी कुमार के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक सोनू सितोले के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसके साथ ही मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर उनसे मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान तीन आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक उर्फ अन्ना पिता मदन हजारिया (18 वर्ष) निवासी आषाडपुरा, संजय उर्फ बाबा उर्फ नाना पिता सेकू बामनिया (19 वर्ष) निवासी ताड़ गली आलीराजपुर तथा मजानसिंह उर्फ मदन पिता बलराम सोलंकी (26 वर्ष) निवासी आषाडपुरा शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब ढाई तोला सोने का हार, सोने की लटकन, सोने का लॉकेट, चांदी की पायल, चांदी के कड़े, चांदी की बिछिया और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 5.10 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस पूरे मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी सोनू सितोले, उपनिरीक्षक मुकेश कनासिया, अरुण राठौर, रामकुमार यादव, लक्ष्मण देवड़ा सहित कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।