कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को फिल्म दिखाकर मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) और धर्मांतरण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। आयोजकों का मानना है कि फिल्में समाज का दर्पण होती हैं और वे समाज में घटित सकारात्मक और नकारात्मक घटनाओं को प्रभावी ढंग से सामने लाने का माध्यम बनती हैं। इसी सोच के साथ इस विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।
डॉ. अनामिका सिंह ने कहा कि आज के समय में युवतियों और छात्राओं का जागरूक होना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे फिल्म के माध्यम से दिखाए गए विषयों को केवल मनोरंजन के रूप में न देखें, बल्कि उससे मिलने वाले संदेश और सीख को समझने का प्रयास करें। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्राएं इन मुद्दों पर आपस में स्वस्थ चर्चा और विचार-विमर्श भी करें, ताकि वे समाज के विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुई, जिससे पूरे आयोजन का माहौल आध्यात्मिक और सकारात्मक बना। इस अवसर पर रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने डॉ. अनामिका सिंह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू भी शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं, विशेषकर बेटियों को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों की समझ भी बेहद जरूरी है, ताकि युवा वर्ग किसी भी प्रकार के भ्रम या गलत प्रभाव से बच सके।
इस अवसर पर बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन होना चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने भी अपने विचार रखते हुए धर्मांतरण जैसे विषयों पर गंभीरता से चर्चा और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समाज को इन मुद्दों पर संवेदनशील और सजग रहना चाहिए।
इस आयोजन में संतोष सिंह, भैरवी वैष्णव सहित कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें समाज के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करते हैं।