गुंडरदेही में अवैध प्लॉटिंग का मामला गरमाया, पार्षद सलीम खान ने SDM से की कार्रवाई की मांग

बालोद जिले के गुंडरदेही नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पार्षद सलीम खान ने SDM को पत्र लिखकर बिना अनुमति कॉलोनी काटने, राजस्व नुकसान और विभागीय मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। कई क्षेत्रों में नियमों को दरकिनार कर प्लॉट बेचने की शिकायतें सामने आई हैं।

May 17, 2026 - 15:58
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गुंडरदेही में अवैध प्लॉटिंग का मामला गरमाया, पार्षद सलीम खान ने SDM से की कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l गुंडरदेही नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। नगर पंचायत के पार्षद सलीम खान ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) को पत्र लिखकर नगर सीमा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्षद ने बिना अनुमति कॉलोनी काटने, शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने और विभागीय मिलीभगत जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

14 मई 2026 को लिखे गए पत्र में सलीम खान ने कहा कि नगर पंचायत सीमा के भीतर बड़े पैमाने पर बिना वैधानिक अनुमति और कॉलोनी अनुज्ञा पंजीकरण के प्लॉटिंग की जा रही है। आरोप है कि कई लोग शासन को देय शुल्क जमा किए बिना ही जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों को बेच रहे हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

पार्षद ने SDM से मांग की है कि नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित सभी अवैध प्लॉटिंग की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

सूत्रों के अनुसार गुंडरदेही नगर सीमा से लगे कई क्षेत्रों में बिना ले-आउट और मूलभूत सुविधाओं के प्लॉट बेचे जा रहे हैं। धमतरी रोड स्थित खल्लारी नाला के पास लगभग छह फीट तक काली मिट्टी डालकर अवैध प्लॉटिंग किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा काचांदूर रोड, राजनांदगांव रोड और बालोद रोड क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच हो तो राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी और पटवारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। लोगों का कहना है कि भूमाफिया प्रशासनिक लापरवाही का फायदा उठाकर नियमों को खुलेआम नजरअंदाज कर रहे हैं।

प्रदेश में कृषि भूमि को पांच डिसमिल से कम हिस्सों में बेचने पर प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। आरोप है कि डायवर्सन और कॉलोनी अनुमति की प्रक्रिया का पालन किए बिना ही प्लॉट बेचने का कारोबार तेजी से फैल रहा है।

क्षेत्र में सक्रिय दलालों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई दलाल चौक-चौराहों, पान ठेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्लॉट बेचने का यह नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है।

इसके अलावा जेएलएम स्कूल नहर क्षेत्र के पास जल संसाधन विभाग की अनुमति के बिना कार्य किए जाने और बिजली पोल शिफ्टिंग को लेकर भी संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में मुख्य मार्ग किनारे लगे प्रतिबंधित अर्जुन वृक्षों की कटाई का मामला भी चर्चा में रहा, लेकिन अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के चलते भूमाफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि अवैध प्लॉटिंग और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नगर क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।