ग्रीन आर्मी की नारी शक्ति अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ से करेगी पर्यावरण संरक्षण का अभियान
रायपुर में ग्रीन आर्मी की नारी शक्ति की बैठक में महिलाओं को “वर्क फ्रॉम होम” प्रणाली के जरिए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान से जोड़ने का निर्णय लिया गया। बैठक में डिजिटल माध्यम से जनजागरूकता, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l ग्रीन आर्मी की नारी शक्ति अब “वर्क फ्रॉम होम” प्रणाली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के कार्यों को नई दिशा देने जा रही है। रायपुर में आयोजित ग्रीन आर्मी की महिला सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म और घर-घर जनसंपर्क के जरिए पर्यावरण संरक्षण के संदेश को अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाएंगी।
बैठक का आयोजन ग्रीन आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विभिन्न वार्डों से लगभग 25 से 30 महिला सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए उन्हें “वर्क फ्रॉम होम” मॉडल के तहत प्रशिक्षित करना था, ताकि वे घर बैठे डिजिटल माध्यम से समाज में जागरूकता फैला सकें।
बैठक के दौरान महिला सदस्यों को ऑनलाइन जूम मीटिंग की प्रक्रिया, डिजिटल माध्यम से जनसंपर्क और कम संसाधनों में अधिक लोगों तक पहुंच बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही डीजल और पेट्रोल की बचत करते हुए पर्यावरण हितैषी गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
ग्रीन आर्मी की विभिन्न विंगों द्वारा संचालित अभियानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इनमें वृक्ष संरक्षण, घर-घर नर्सरी अभियान, पौधों को जल अर्पण, जल संरक्षण के लिए वाटर लीकेज रोकना, नलों की टोटियां लगवाना और मरम्मत करवाना जैसे कार्य शामिल हैं। इसके अलावा तालाब सफाई अभियान, “मेरा घर पॉलीथीन फ्री” अभियान, घर-घर स्वच्छता अभियान और नगर निगम की कचरा पृथक्करण व्यवस्था को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी रणनीति बनाई गई।
बैठक में महिलाओं को यह जिम्मेदारी भी दी गई कि वे कम से कम 10 घरों तक पहुंचकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी। इसके तहत लोगों को नालियों में कचरा नहीं फेंकने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ग्रीन आर्मी ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी संस्था का काम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था का मानना है कि यदि महिलाएं इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ती हैं तो समाज में तेजी से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
बैठक के दौरान सभी महिला सदस्यों को ऑनलाइन जूम मीटिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि समय, ऊर्जा और ईंधन की बचत हो सके। ग्रीन आर्मी की टीम ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों के साथ सहयोग करने का संकल्प भी लिया।
ग्रीन आर्मी परिवार ने कहा कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता से जोड़ना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके।