बेमेतरा जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला, जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण की दी जानकारी

बेमेतरा जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नवीन नियमों पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक निस्तारण की विस्तृत जानकारी दी गई।

Jun 10, 2026 - 18:17
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बेमेतरा जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला, जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिला पंचायत सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नवीन नियमों एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की आधुनिक प्रक्रियाओं से अवगत कराना था।

कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति, सभी जिला पंचायत सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, पुनर्चक्रण (री-साइक्लिंग) तथा वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रियाओं को सरल एवं व्यवहारिक रूप में समझाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि इन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन किया जाए तो न केवल स्वच्छता में सुधार होता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे गांव और शहर दोनों ही स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बन सकते हैं।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायतें और स्थानीय निकाय स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए समुदाय आधारित प्रयास, जनजागरूकता अभियान और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में सफलतापूर्वक लागू किए गए कचरा प्रबंधन मॉडल और नवाचारों की जानकारी भी प्रतिभागियों के साथ साझा की गई।

जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला में अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता बढ़ाने और नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, सहायक संचालक पंचायत भूमिका देसाई, जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के समन्वयक, जिला पंचायत के जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नवीन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे। इस कार्यशाला को स्वच्छ एवं विकसित ग्रामों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास में सकारात्मक बदलाव लाएगा।