तेज आंधी-तूफान से बालोद में भारी नुकसान, BSNL टावर गिरा, बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित

बालोद जिले के भेड़िया नवागांव, बोड़की और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान से व्यापक नुकसान हुआ। 150 फीट ऊंचा BSNL टावर गिर गया, कई पेड़ धराशायी हो गए और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

Jun 12, 2026 - 13:12
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तेज आंधी-तूफान से बालोद में भारी नुकसान, BSNL टावर गिरा, बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले में शुक्रवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान ने कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया। भेड़िया नवागांव, बोड़की और आसपास के क्षेत्रों में सुबह करीब पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आए तूफान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। कुछ ही मिनटों में कई पेड़ धराशायी हो गए, मकानों के छप्पर और टीन शेड उड़ गए तथा बिजली और संचार व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा।

सबसे बड़ी घटना भेड़िया नवागांव में सामने आई, जहां लगभग 150 फीट ऊंचा बीएसएनएल टावर तेज हवाओं की चपेट में आकर गिर गया। टावर गिरने से क्षेत्र की दूरसंचार सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवाओं का दबाव इतना अधिक था कि मजबूत संरचनाएं भी इसका सामना नहीं कर सकीं।

आंधी-तूफान के कारण भेड़िया नवागांव और बोड़की के बीच स्थित खार मुख्य मार्ग पर कई बड़े पेड़ गिर गए। सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सामूहिक प्रयास से पेड़ों को हटाया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा शुरू हो सका।

बिजली व्यवस्था को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र के अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली बंद होने से ग्रामीणों को पेयजल, घरेलू कार्यों और संचार संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटी हुई हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तेज गर्जना और आंधी के कारण सुबह के समय अचानक दहशत का माहौल बन गया। कई लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। हालांकि इस प्राकृतिक आपदा के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली, जिसे प्रशासन और ग्रामीण राहत की बात मान रहे हैं।

तूफान के बाद प्रभावित गांवों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त मकानों, बिजली व्यवस्था और अन्य नुकसानों का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता प्रदान की जाए। साथ ही गिरे हुए बीएसएनएल टावर और संचार सेवाओं को जल्द बहाल करने की भी मांग उठाई जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान समय में प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते तेज आंधी, बारिश और तूफान जैसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

बालोद जिले में आए इस तूफान ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।