धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू, अब तक 53 हजार क्विंटल से अधिक धान की बिक्री
बालोद जिले के डौण्डी धान खरीदी केन्द्र में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। अब तक 1266 किसानों ने 53 हजार क्विंटल से अधिक धान की बिक्री कर 13.58 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्राप्त किया है। शेष किसानों की खरीदी सुनिश्चित करने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू,बालोद । बालोद जिले के विकासखंड मुख्यालय डौण्डी स्थित समर्थन मूल्य धान खरीदी केन्द्र में किसानों से धान खरीदी का कार्य पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के किसानों को समय पर लाभ दिलाने और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में अब तक कुल 1266 किसानों द्वारा 53 हजार 144 क्विंटल 80 किलोग्राम धान की बिक्री की जा चुकी है। इस खरीदी के एवज में किसानों को 13 करोड़ 58 लाख 33 हजार रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया है। बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता से यह स्पष्ट है कि शासन की समर्थन मूल्य योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।
धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसे ध्यान में रखते हुए शेष बचे किसानों से शत-प्रतिशत धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा, त्वरित तौल, पारदर्शी भुगतान और सुचारू आवागमन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डीडी मण्डले ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र डौण्डी के अंतर्गत आने वाले गांवों के 907 किसानों द्वारा 315.48 हेक्टेयर कृषि रकबे का समर्पण किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी पंजीकृत किसानों का धान समय-सीमा के भीतर खरीदा जाएगा।
अवैध धान की बिक्री और बाहरी धान की रोकथाम के लिए भी प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। राजस्व, खाद्य एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही निगरानी दल द्वारा धान खरीदी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनी रहे।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर अपने स्लॉट के अनुसार धान खरीदी केन्द्र पहुंचकर धान विक्रय करें। शासन की यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।