सरायपाली में भव्य हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन, एकता और संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
सरायपाली में हिंदू समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से 25 दिसंबर 2025 को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में धर्माचार्य, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, युवाशक्ति और मातृशक्ति की बड़ी सहभागिता रही। वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, सरायपाली | नगर में हिंदू समाज की एकता, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से 25 दिसंबर 2025 को अग्रकुंज परिसर (सेंट्रल बैंक के सामने) में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में समाजसेवी, धर्माचार्य, बुद्धिजीवी, समाज प्रमुखों के साथ-साथ युवाशक्ति, मातृशक्ति तथा नन्हे बालक-बालिकाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तैलचित्र के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि स्वामी रविंद्र दास महाराज जी (संस्थापक, स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल, कटंगपाली) ने अपने उद्बोधन में हिंदू संस्कृति की गौरवशाली परंपरा, सामाजिक समरसता, ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्कृति और संस्कार ही समाज की वास्तविक शक्ति हैं, जिनके संरक्षण से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।
विशिष्ट अतिथि कृष्ण राधिका सखी दीदी ने समाज को संगठित करने, शिक्षा, संस्कार और सेवा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने मातृशक्ति और युवाओं से समाज सेवा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। वहीं मुख्य वक्ता ओम प्रकाश शर्मा जी (सह प्रांत बौद्धिक प्रमुख, छत्तीसगढ़) ने हिंदू समाज की एकता और आपसी सहयोग को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने पंच परिवर्तन के विषयों—स्वदेशी भाव का जागरण, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन एवं नागरिक कर्तव्य—पर विचार व्यक्त किए और युवाओं को राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। अनेक परिवार अपने बच्चों को देश और धर्म की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर नायक-नायिकाओं के रूप में सुसज्जित कर कार्यक्रम में पहुंचे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत जीवंत झांकियों ने भारतीय इतिहास की वीर गाथाओं को जीवंत कर दिया और उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति की भावना का संचार किया।
आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक बैठने की व्यवस्था, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा तथा प्रसाद वितरण की उत्तम व्यवस्था की गई। स्वयंसेवकों ने पार्किंग, मार्गदर्शन और स्वच्छता जैसे कार्यों को कुशलतापूर्वक संभाला। समापन अवसर पर आयोजन समिति ने नगर प्रशासन, पुलिस विभाग, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, दानदाताओं और सहयोगी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक रूप देने का संकल्प लिया।