अशोका पब्लिक स्कूल में आर्ट ऑफ लिविंग का चार दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम संपन्न, तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश

कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में चार दिवसीय आर्ट ऑफ लिविंग हैप्पीनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया। शिविर में प्रतिभागियों ने योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया के माध्यम से तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवन जीने की कला सीखी। समापन अवसर पर सत्संग और भजन संध्या का भी आयोजन हुआ।

Jul 5, 2026 - 17:34
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अशोका पब्लिक स्कूल में आर्ट ऑफ लिविंग का चार दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम संपन्न, तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा स्थित अशोका पब्लिक स्कूल में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा चार दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, मानसिक दबाव और व्यस्त जीवनशैली के बीच लोगों को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देना था। शिविर में शहर के विभिन्न वर्गों से जुड़े नागरिकों, शिक्षकों, युवाओं, महिलाओं और व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास किया।

चार दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग छत्तीसगढ़ की स्टेट डायरेक्टर डॉ. शैलजा चंद्राकर तथा सीनियर टीचर हरजीत सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक तनाव से मुक्ति, भावनात्मक संतुलन, वर्तमान में जीने की कला और जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।

प्रशिक्षकों ने कहा कि श्वास और मन का गहरा संबंध होता है। जब श्वास में संतुलन आता है तो विचारों में सकारात्मकता आती है और यही सकारात्मकता जीवन में बदलाव का आधार बनती है। उन्होंने सुदर्शन क्रिया को केवल एक श्वास तकनीक नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक ऊर्जा और आंतरिक संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बताया। नियमित अभ्यास से तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाओं में कमी आने के साथ आत्मविश्वास, एकाग्रता और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों को त्रि-स्तरीय प्राणायाम, भस्त्रिका, ओम् जप, ध्यान, योगाभ्यास और सुदर्शन क्रिया का अभ्यास कराया गया। प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से यह भी बताया गया कि जीवन की परिस्थितियों पर हमेशा नियंत्रण संभव नहीं होता, लेकिन अपने मन और विचारों को संतुलित रखना प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में होता है। जब व्यक्ति भीतर से शांत और प्रसन्न होता है, तभी वह परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान दे सकता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर सत्संग और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें सामूहिक ध्यान और भक्ति संगीत के माध्यम से प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। पूरे परिसर में अनुशासन, आत्मीयता और उत्साह का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर अशोका पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर पवन देवांगन और सारिका देवांगन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के समग्र व्यक्तित्व का विकास भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग जैसे कार्यक्रम लोगों को तनावमुक्त, अनुशासित और मूल्यनिष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं तथा समाज में सकारात्मक सोच और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, आर्ट ऑफ लिविंग के जिला पदाधिकारी, प्रशिक्षक, संस्था के सदस्य तथा शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने नियमित रूप से सुदर्शन क्रिया, योग और ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ, तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन अपनाने का संकल्प लिया।