श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रभक्ति का स्वर, 11 जुलाई को होगा 'मिट्टी के बेटे' कवि सम्मेलन

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर 11 जुलाई को रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में भव्य काव्य महोत्सव "मिट्टी के बेटे" का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के प्रसिद्ध कवि राष्ट्रवाद, वीर रस और भारतीय संस्कृति पर आधारित काव्य प्रस्तुत करेंगे। आयोजन डिप्टी सीएम अरुण साव के मार्गदर्शन में होगा।

Jul 5, 2026 - 17:26
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रभक्ति का स्वर, 11 जुलाई को होगा 'मिट्टी के बेटे' कवि सम्मेलन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में राष्ट्रभक्ति और साहित्य का भव्य संगम देखने को मिलेगा। इस अवसर पर 11 जुलाई को दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में "मिट्टी के बेटे" शीर्षक से भव्य काव्य महोत्सव एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के प्रतिष्ठित कवि अपनी ओजपूर्ण और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं के माध्यम से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को काव्यांजलि अर्पित करेंगे।

यह आयोजन उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में प्रदेश के राष्ट्रवादी युवाओं द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रवादी विचारक वीरेंद्र दुबे हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अखंड भारत के संकल्प तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को कविता के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।

11 जुलाई को रात 8:30 बजे से शुरू होने वाले इस काव्य महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम होगा।

कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध कवि शशिकांत यादव, राम भदावर और अमित शर्मा अपनी वीर रस की कविताओं से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति का उत्साह भरेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित कवि देवेंद्र परिहार, मयंक शर्मा, संस्कार साहू, हीरामणि वैष्णव, नरेंद्र गुप्ता और ईशान शर्मा भी अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। आयोजन में वीर रस, राष्ट्र गौरव, भारतीय संस्कृति और मातृभूमि के सम्मान पर आधारित कविताएं प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है। कार्यक्रम को लेकर साहित्य प्रेमियों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

इस काव्य महोत्सव को क्रेडाई तथा अष्ट विनायक रियलिटी का सहयोग प्राप्त है, जबकि छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ आयोजन में विशेष भूमिका निभा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम में प्रवेश केवल एंट्री पास के माध्यम से दिया जाएगा। इच्छुक नागरिक संयोजक वीरेंद्र दुबे के कार्यालय, छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के कार्यालय तथा शहर के निर्धारित केंद्रों से प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

आयोजकों ने प्रदेश के साहित्यप्रेमियों, युवाओं और राष्ट्रभक्ति की भावना रखने वाले नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका मानना है कि "मिट्टी के बेटे" केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्र चेतना और साहित्यिक परंपरा का उत्सव होगा, जो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य करेगा।