पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि एक सफेद रंग की वेरना एचएक्स कार में ओडिशा की ओर से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एनएच-53 मार्ग पर रेहटीखोल क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। कुछ समय बाद संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट के नीचे बनाए गए विशेष चैंबर से 35 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजा पदमपुर (ओडिशा) से लेकर आ रहे थे और इसे मुरैना (मध्यप्रदेश) ले जाना था।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम पंकज राठौर (22 वर्ष) एवं हेमंत सिंह तोमर (22 वर्ष) बताए गए हैं। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा परिवहन में प्रयुक्त सफेद रंग की वेरना एचएक्स कार (क्रमांक एमपी 07 जेड जेड 5221), दो मोबाइल फोन तथा 5 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
जब्त संपत्ति में 35 किलो गांजा (कीमत लगभग 17,50,000 रुपये), परिवहन में प्रयुक्त कार (अनुमानित कीमत 12,00,000 रुपये), दो मोबाइल फोन (कीमत 25,000 रुपये) और 5,000 रुपये नकद शामिल हैं। कुल जब्ती की कीमत लगभग 29 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों का कृत्य एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(सी) एवं 29 के अंतर्गत दंडनीय पाया गया है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर थाना सिंघोड़ा में अपराध पंजीबद्ध किया गया तथा न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है।
एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंड-टू-एंड तथा फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन, सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन प्वाइंट पर कार्रवाई करने के निर्देश प्राप्त हैं। इसी क्रम में परिवहनकर्ताओं के साथ-साथ उनके फॉरवर्ड लिंक और नेटवर्क को भी चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले एवं संयुक्त टीमों द्वारा कुल 2718.141 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 13 करोड़ 56 लाख 63 हजार रुपये से अधिक है। इस अवधि में कुल 117 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 88 आरोपी छत्तीसगढ़ के बाहर के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, भंडारण और बिक्री में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।