शाला प्रवेशोत्सव में पुरंदर मिश्रा ने किया नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत, शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

रायपुर के राजातालाब स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव में विधायक पुरंदर मिश्रा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

Jul 1, 2026 - 17:53
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शाला प्रवेशोत्सव में पुरंदर मिश्रा ने किया नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत, शिक्षा को बताया राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के राजातालाब स्थित इंद्रावती कॉलोनी के सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेशोत्सव उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प अर्पित कर तथा आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिसर में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के उत्साहपूर्ण माहौल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव बच्चों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जहां से उनके उज्ज्वल भविष्य की यात्रा प्रारंभ होती है। विद्यालय का पहला दिन बच्चों के मन में शिक्षा के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उनके अनुसार परिवार और विद्यालय के संयुक्त प्रयासों से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही आवश्यक हैं, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर समाज और देश के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

पुरंदर मिश्रा ने सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षण व्यवस्था और संस्कार आधारित शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण भी विद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन समिति की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी शिक्षकों से बच्चों के शैक्षणिक और नैतिक विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य करते रहने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी बच्चों के चेहरों पर नई शुरुआत की खुशी स्पष्ट दिखाई दी। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और बच्चों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। इस अवसर पर पुरंदर मिश्रा ने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने माता-पिता, गुरुजनों और देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया।

शाला प्रवेशोत्सव में विद्यालय परिवार, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम में शाला विकास समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक त्रिपाठी, सचिव संजय जोशी, ज्ञान चन्द चौधरी, अनूप खेलकर, किशोर महानंद, सुधीर चौबे, दिलीप धनकर, सब्बीर हुसैन, प्राचार्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना तथा विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।