उप मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मनरेगा कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन स्थगित

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई बैठक के बाद मनरेगा कर्मचारियों ने अपना चरणबद्ध आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है। कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

Jul 2, 2026 - 15:23
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उप मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मनरेगा कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन स्थगित

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह निर्णय उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, जिसके बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से टालने का फैसला किया गया

जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मनरेगा कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच देर रात बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा। चर्चा के दौरान सरकार की ओर से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया।

बैठक के दौरान बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मचारी भी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने सरकार से सेवा संबंधी विभिन्न मुद्दों, कार्य परिस्थितियों और अन्य लंबित मांगों के समाधान की अपेक्षा जताई। सरकार की ओर से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया।

मनरेगा कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। इसी क्रम में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई थी। हालांकि उप मुख्यमंत्री के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद संगठन ने आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की जानकारी दी।

कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सरकार द्वारा दिए गए 15 दिनों के समय का इंतजार करेंगे। यदि इस अवधि में आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई होती है तो आगे की रणनीति उसी के अनुसार तय की जाएगी। वहीं यदि मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया जाता है तो कर्मचारी संगठन भविष्य की कार्ययोजना पर पुनर्विचार कर सकता है।

सरकार और कर्मचारियों के बीच हुई इस वार्ता को सकारात्मक पहल माना जा रहा है। इससे फिलहाल संभावित आंदोलन टल गया है, जिससे मनरेगा से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन पर तत्काल असर पड़ने की संभावना कम हो गई है।

अब सभी की निगाहें आगामी 15 दिनों पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठन को उम्मीद है कि सरकार अपने आश्वासन के अनुरूप उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेगी। वहीं सरकार की ओर से भी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का संकेत दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सहमति के अनुरूप कार्रवाई होती है तो यह मामला आपसी संवाद के माध्यम से सुलझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।