गिरफ्तार आरोपी की पहचान मयूर बारमेडा (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गीतांजलि नगर, थाना खम्हारडीह रायपुर का निवासी है। आरोपी पूर्व में ICICI Prudential Life Insurance कंपनी की शाखा तेलीबांधा, रायपुर में वर्ष 2008 से 2022 तक सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत रह चुका है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पद और अनुभव का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया। उसने प्रार्थी अमन अग्रवाल और उनके परिजनों को ICICI Prudential Life Insurance में निवेश करने का झांसा देकर अलग-अलग चेक के माध्यम से वर्ष 2014 से 2021 के बीच करीब 63 लाख रुपये प्राप्त किए।
जब प्रार्थी ने निवेश से संबंधित पॉलिसी दस्तावेजों की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करता रहा और कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। संदेह होने पर प्रार्थी ने कंपनी की शाखा में जाकर जानकारी ली, जहां यह खुलासा हुआ कि उनके नाम से कोई वैध निवेश नहीं किया गया है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने प्राप्त चेक की राशि का दुरुपयोग करते हुए अन्य व्यक्तियों के नाम पर निवेश दर्शाया और उनसे प्राप्त रकम का स्वयं लाभ उठाता रहा। इस प्रकार उसने विश्वास में लेकर प्रार्थी और उनके परिवार के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 309/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक न्यास भंग) और 420 (धोखाधड़ी) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। आखिरकार 2 मई 2026 को पुलिस ने पंडरी स्थित “चाय गोविंदम” प्रतिष्ठान में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए, जिसके आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के मार्गदर्शन में किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आर्थिक अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे निवेश से पहले पूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
यह मामला न केवल एक बड़ी ठगी का खुलासा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विश्वास का गलत फायदा उठाकर किस तरह लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर अन्य संभावित पीड़ितों और आरोपी के नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।