जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कर्मचारी ने कार्य परिस्थितियों पर उठाए सवाल, जांच की मांग

रायपुर के जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी देवेन्द्र कुमार गंगबेर ने प्रेस वार्ता में कार्य समय, अतिरिक्त ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश नहीं मिलने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने शासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और निर्धारित कार्य समय लागू करने की मांग की है। यह समाचार कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है।

Jun 30, 2026 - 13:54
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जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कर्मचारी ने कार्य परिस्थितियों पर उठाए सवाल, जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी देवेन्द्र कुमार गंगबेर ने अपनी कार्य परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए शासन और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे निर्धारित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त कई अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं तथा उन्हें नियमानुसार कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभाग का पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।

देवेन्द्र कुमार गंगबेर ने बताया कि उनकी नियुक्ति जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कार्यों के लिए हुई थी, लेकिन वर्तमान में उनसे कार्यालयीन दायित्वों के अलावा सैनिक विश्राम गृह के लगभग 10 से 12 कमरों की देखरेख, अतिथियों की व्यवस्था तथा अन्य अतिरिक्त कार्य भी कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण कार्यभार लगातार बढ़ता गया है।

उन्होंने बताया कि नवंबर माह में अंबिकापुर से रायपुर स्थानांतरण के बाद से वे लगातार कार्यालय के निर्धारित कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश की मांग करते रहे हैं। उनका आरोप है कि अब तक उन्हें स्पष्ट ड्यूटी समय निर्धारित नहीं किया गया है और नियमित साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा है।

प्रेस वार्ता में देवेन्द्र कुमार गंगबेर ने आरोप लगाया कि कई बार उनसे लगातार अत्यधिक समय तक ड्यूटी कराई जाती है। उनके अनुसार, उन्हें विभिन्न अवसरों पर 17 घंटे, 18 घंटे, 24 घंटे, 48 घंटे और यहां तक कि 96 घंटे तक लगातार ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शासकीय अवकाश के दिनों में कार्य लेने के बावजूद नियमानुसार प्रतिपूरक अवकाश (Compensatory Leave) भी प्रदान नहीं किया जाता। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि लगातार लंबे समय तक कार्य करने और पर्याप्त विश्राम नहीं मिलने के कारण उन्हें शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में कार्य करना कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

देवेन्द्र कुमार गंगबेर ने शासन से मांग की कि छत्तीसगढ़ शासन के सेवा नियमों के अनुरूप प्रतिदिन आठ घंटे का कार्य समय, साप्ताहिक अवकाश तथा शासकीय अवकाश के बदले प्रतिपूरक अवकाश की व्यवस्था तत्काल लागू की जाए। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने की भी मांग की।

यह समाचार प्रेस वार्ता के दौरान कर्मचारी देवेन्द्र कुमार गंगबेर द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय या संबंधित विभाग की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। यदि विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए ताकि पाठकों को सभी पक्षों की संतुलित जानकारी मिल सके।