रायपुर में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, प्रतिमा स्थल पर हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम

रायपुर के जलविहार कॉलोनी उद्यान स्थित राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की प्रतिमा पर उनकी 140वीं जयंती के अवसर पर नगर निगम संस्कृति विभाग और श्री गहोई वैश्य समाज के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Aug 5, 2026 - 13:05
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रायपुर में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, प्रतिमा स्थल पर हुआ पुष्पांजलि कार्यक्रम

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में श्रद्धा और सम्मान के साथ पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन-3 के सहयोग तथा श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर की सहभागिता से जलविहार कॉलोनी उद्यान परिसर स्थित राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

कार्यक्रम में नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी, जल विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू, श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर के अध्यक्ष अनिल गुप्ता कंगेले, सचिव विनोद सुहाने, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, सहसचिव इंदेश सेठ, महिला समिति अध्यक्ष मीरा सरावगी सहित समाज के पदाधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, साहित्यकार, कवि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

प्रतिमा स्थल पर उपस्थित सभी अतिथियों और नागरिकों ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया। कार्यक्रम के दौरान उनके साहित्य, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना से जुड़े विचारों का भी उल्लेख किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक मूल्यों को नई दिशा दी। उनकी कृतियां आज भी समाज को प्रेरणा देने का कार्य कर रही हैं। राष्ट्रकवि के साहित्य में देशभक्ति, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का गहरा संदेश मिलता है, जो वर्तमान समय में भी उतना ही प्रासंगिक है।

इस अवसर पर नगर निगम जोन-3 के कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे सहित अनेक गणमान्य नागरिक, महिलाएं, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रकवि के जीवन और साहित्य से प्रेरणा लेने तथा नई पीढ़ी तक उनके विचारों को पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत से जोड़ने का माध्यम हैं। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रकवि को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ हुआ। आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने उनके साहित्य और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।