पंडरिया के गन्ना किसानों को जल्द मिलेगी पूरी बकाया राशि, जुलाई-अगस्त तक भुगतान का भरोसा

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले किसानों को आश्वस्त किया है कि उनकी बकाया राशि का पूर्ण भुगतान जुलाई से अगस्त के बीच कर दिया जाएगा। भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के लिए शासन स्तर पर अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही कारखाने की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए पिछले ढाई वर्षों में किए गए सुधारों की भी जानकारी दी गई।

Jun 30, 2026 - 18:09
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पंडरिया के गन्ना किसानों को जल्द मिलेगी पूरी बकाया राशि, जुलाई-अगस्त तक भुगतान का भरोसा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l पंडरिया क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया में गन्ना बेचने वाले किसानों के लंबे समय से लंबित भुगतान को लेकर विधायक भावना बोहरा ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की पूरी बकाया राशि जुलाई से अगस्त माह के बीच उनके खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी।

विधायक ने कहा कि किसानों के भुगतान को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार, सहकारिता विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि किसानों को उनके परिश्रम का उचित मूल्य समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर यह प्रस्ताव रखा गया है कि शुगर मिल में उपलब्ध चीनी स्टॉक के मूल्य के बराबर अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए, जिससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।

भावना बोहरा ने बताया कि गन्ना किसानों से खरीदे गए गन्ने का संपूर्ण भुगतान रिकवरी राशि सहित जुलाई और अगस्त के दौरान पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने शक्कर कारखाने की वित्तीय स्थिति में आए सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले ढाई वर्षों में कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में स्थापना व्यय को 15.06 करोड़ रुपये से घटाकर 9.65 करोड़ रुपये किया गया है। इसी तरह अनुरक्षण एवं मरम्मत पर होने वाला खर्च 10.97 करोड़ रुपये से घटाकर 4.13 करोड़ रुपये तक लाया गया है। इन प्रयासों से कारखाने के संचालन में वित्तीय अनुशासन स्थापित हुआ है।

इसके अलावा कारखाने में आवश्यकता के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या सीमित की गई है तथा विभिन्न मदों में व्यय पर नियंत्रण कर पिछले दो वर्षों में लगभग 16 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत भी की गई है। विधायक का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल कारखाने की आर्थिक स्थिति मजबूत करना नहीं, बल्कि इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाना भी है।

उन्होंने बताया कि शक्कर कारखाने की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया गया है। मोलासिस की बिक्री भी बाजार की अनुकूल कीमतों पर की गई है, जिससे कारखाने की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और भविष्य में किसानों के भुगतान की प्रक्रिया और बेहतर होने की संभावना बनी है।

भावना बोहरा ने कहा कि गन्ना किसान क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। किसानों के पसीने की कमाई का एक-एक रुपया समय पर मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और प्रत्येक गन्ना उत्पादक को उसके परिश्रम का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की समृद्धि को प्रदेश की समृद्धि का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हर चिंता के समाधान के लिए संवेदनशील है और गन्ना भुगतान की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण करने के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।