पद्मश्री बुधरी ताती का रायपुर में आत्मीय सम्मान, अमित चिमनानी ने चार दशक की सेवा को बताया प्रेरणास्रोत
पद्मश्री सम्मान से अलंकृत सामाजिक कार्यकर्ता बुधरी ताती ने रायपुर में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी के कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उनका आत्मीय अभिनंदन किया गया। अमित चिमनानी ने बस्तर के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए उनके चार दशक लंबे योगदान की सराहना करते हुए इसे पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बस्तर अंचल की प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत बुधरी ताती ने शनिवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी के निज कार्यालय पहुंचकर उनसे शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर अमित चिमनानी ने उनका आत्मीय अभिनंदन करते हुए पुष्पगुच्छ एवं पुस्तकों के माध्यम से सम्मान व्यक्त किया तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उनके चार दशक लंबे योगदान की सराहना की।
मुलाकात के दौरान अमित चिमनानी ने कहा कि बुधरी ताती का जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ और लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य करना अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके अथक प्रयासों ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है और छत्तीसगढ़ का गौरव राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक बदलाव वही लोग लाते हैं जो कठिन परिस्थितियों में भी सेवा का मार्ग नहीं छोड़ते। बुधरी ताती ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि दृढ़ संकल्प और समाज के प्रति समर्पण के बल पर बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। उनका पद्मश्री सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर बुधरी ताती ने भी अपने लंबे सामाजिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
बुधरी ताती ने आत्मीय सम्मान के लिए अमित चिमनानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में आगे भी पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने की नई ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना ही उनके जीवन का उद्देश्य रहा है और आगे भी यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि बुधरी ताती ने पिछले चार दशकों से दंतेवाड़ा सहित बस्तर के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने पैदल चलकर 545 से अधिक गांवों तक पहुंच बनाई और वहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान करने का अभियान चलाया। इस दौरान उन्हें अनेक कठिन परिस्थितियों और जानलेवा हमलों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा।
उनके इसी असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया। उनकी समाज सेवा आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।