झारा हत्याकांड में फिर गरमाई सियासत, भीम आर्मी का प्रदर्शन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की मांग तेज
महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के चर्चित झारा हत्याकांड में अब एक बार फिर मामला गरमा गया है। मृतका भारती टंडन के परिजन, भीम आर्मी और सतनामी समाज के लोग पुलिस जांच से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। बागबाहरा में प्रदर्शन कर संगठन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा घटना में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता है तो उन्हें भी गिरफ्तार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि केवल एक नाबालिग की गिरफ्तारी से पूरे मामले का खुलासा नहीं माना जा सकता और सभी पहलुओं की गहन जांच होनी चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र में सामने आए चर्चित झारा हत्याकांड को लेकर एक बार फिर माहौल गर्मा गया है। मृतका भारती टंडन के परिजन, भीम आर्मी और सतनामी समाज के लोगों ने पुलिस की अब तक की जांच पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग तेज कर दी है। बागबाहरा में भीम आर्मी के नेतृत्व में प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच कराने और यदि घटना में अन्य लोगों की भी भूमिका रही हो तो उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
यह मामला उस समय सामने आया था जब 22 जून 2026 को खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा और रामखेड़ा के बीच स्थित एक नाले के पास रेत में दबी हुई एक युवती का शव बरामद हुआ था। ग्रामीणों ने रेत के बाहर शव का कुछ हिस्सा दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। घटनास्थल से एक महिला की चप्पल मिलने की भी जानकारी सामने आई थी। प्रारंभिक जांच के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसे रेत में दबाया गया होगा। इस घटना के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
बाद में शव की पहचान ग्राम झारा निवासी भारती टंडन के रूप में हुई। पहचान होने के बाद मामला और गंभीर हो गया तथा परिजनों ने घटना को लेकर कई सवाल खड़े किए। परिजनों के अनुसार भारती टंडन के लापता होने की शिकायत 19 जून 2026 को खल्लारी थाना में दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि 18 जून को भारती ग्राम रामखेड़ा निवासी पुष्पेंद्र सेन के घर गई थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला और कुछ दिनों बाद उसका शव रेत में दबा हुआ मिला।
घटना के बाद मृतका के परिजन और सतनामी समाज के लोग जिला कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी संभावित आरोपियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करने तथा घटना के हर पहलू से पर्दा उठाने की मांग की थी। समाज के प्रतिनिधियों ने उस समय भी चेतावनी दी थी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इसी क्रम में अब भीम आर्मी ने भी मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। उनका आरोप है कि केवल एक नाबालिग की गिरफ्तारी से पूरे मामले का खुलासा नहीं माना जा सकता। संगठन ने मांग की है कि पुलिस यह स्पष्ट करे कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, शव को घटनास्थल पर ही दफनाया गया था या कहीं और हत्या करने के बाद वहां लाकर रेत में दबाया गया। साथ ही यह भी जांच की जाए कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।
प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने से मौत के वास्तविक कारणों को लेकर फैली कई तरह की आशंकाओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तो लोगों का विश्वास कानून व्यवस्था पर बना रहेगा। वहीं कुछ लोगों ने घटना में सामूहिक अपराध की आशंका जताते हुए सभी संभावित पहलुओं की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि अब तक इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से ऐसी किसी आशंका की पुष्टि नहीं की गई है।
ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और ऐसे मामलों में हर तथ्य का खुलासा होना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मृतका के परिजन भी लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले का खुलासा नहीं होगा तब तक उन्हें संतोष नहीं मिलेगा।
दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल से मिले प्रमाण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को रेत में दबाने के पीछे क्या उद्देश्य था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारा हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे लेकर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है। भीम आर्मी और सतनामी समाज का कहना है कि वे तब तक अपनी आवाज उठाते रहेंगे जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को कानून के अनुसार सजा नहीं मिलती। फिलहाल पूरे जिले की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर पूरी की जाएगी, जिससे मृतका के परिजनों को न्याय मिल सके।