स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
कांकेर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। इंटर्न डॉक्टर वर्तमान 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के बावजूद आपातकालीन सेवाएं जारी रखते हुए डॉक्टरों ने रक्तदान शिविर भी आयोजित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। 8 अगस्त 2026 को आंदोलन का पांचवां दिन रहा। कांकेर स्थित स्वर्गीय इंदिरा गांधी मेमोरियल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के इंटर्न डॉक्टर भी इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग वर्तमान स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें वर्तमान में प्रतिमाह 15,900 रुपये स्टाइपेंड दिया जा रहा है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों और अन्य राज्यों में दिए जा रहे स्टाइपेंड को देखते हुए इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद अस्पतालों में नियमित रूप से मरीजों की सेवा और चिकित्सा कार्य में योगदान देते हैं। ऐसे में उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
हड़ताल के बीच आपातकालीन सेवाएं जारी
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के बावजूद मरीजों के हित को प्राथमिकता दी जा रही है। अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जरूरी आपातकालीन सेवाएं जारी रखी जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशानी में डालना नहीं, बल्कि अपनी न्यायोचित मांगों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
हड़ताल के पांचवें दिन कांकेर मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण भी पेश किया। बस्तर क्षेत्र में रक्त संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की आवश्यकता को देखते हुए इंटर्न डॉक्टरों द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस पहल के जरिए डॉक्टरों ने जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में योगदान दिया।
लिखित आदेश की मांग
इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार से मांग की है कि स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाए और इसे लेकर स्पष्ट लिखित आदेश जारी किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक अन्य राज्यों में इंटर्नशिप कर रहे मेडिकल विद्यार्थियों को तुलनात्मक रूप से अधिक स्टाइपेंड मिल रहा है। इसी आधार पर वे छत्तीसगढ़ में भी स्टाइपेंड की राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल कांकेर सहित प्रदेश के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है। सरकार की ओर से मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।