कलेक्टर ने बैठक में उन योजनाओं की विशेष रूप से समीक्षा की, जिन्हें अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में अब केवल 5 से 10 प्रतिशत कार्य ही शेष रह गया है, लेकिन संबंधित निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य पूरा करने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी एजेंसियों को नोटिस जारी करने और कार्य की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जिन निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, उन्हें तत्काल अंतिम नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यदि एजेंसियां समय पर कार्य पूरा नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्यों में लगातार लापरवाही बरतने और निर्धारित समय सीमा में योजनाओं को पूरा नहीं करने की स्थिति में संबंधित एजेंसी का टेंडर निरस्त किया जा सकता है। इसके साथ ही जमा राशि राजसात करने की कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति दोनों पर नजर रखने तथा योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में योजनाओं के समय पर पूर्ण होने से संबंधित गांवों में पेयजल सुविधा को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। बैठक में अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली गई।
बैठक के दौरान नल जल मित्र कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को 18 ग्राम पंचायतों में कार्यरत प्रशिक्षु नल जल मित्रों के लंबित भुगतान से संबंधित सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि लंबित भुगतान की जानकारी व्यवस्थित रूप से तैयार कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
नल जल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के संचालन और रखरखाव से जुड़े स्थानीय स्तर के मानव संसाधन को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में प्रशिक्षु नल जल मित्रों से संबंधित भुगतान के मामलों का समयबद्ध निराकरण भी महत्वपूर्ण है। बैठक में इस विषय को लेकर अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में यह भी जोर दिया गया कि योजनाओं को केवल कागजों पर पूर्ण दिखाने के बजाय वास्तविक रूप से उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रेमलता पद्माकर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता जे.पी. गोंड सहित जल जीवन मिशन के अंतर्गत गठित समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिले में संचालित योजनाओं की प्रगति और लंबित कार्यों की जानकारी साझा की। बैठक के अंत में निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने और लापरवाही करने वाली एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।