“देवरी पंचायत में तालाबंदी से मचा हड़कंप! फर्जी NOC के आरोप और ग्रामीणों की अनदेखी पर उठे बड़े सवाल”
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवरी में पंचायत की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और शासकीय दस्तावेजों से जुड़े कामों के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। पंचायत में कथित फर्जी NOC जारी किए जाने के आरोपों ने भी मामले को गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों ने संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l ग्राम पंचायत देवरी में इन दिनों ग्रामीणों की नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में तालाबंदी कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है और पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के लोगों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। यहां तक कि बच्चों के आय, जाति सहित जरूरी दस्तावेजों के लिए पंचायत स्तर पर होने वाली प्रक्रिया में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई मामलों में आवश्यक हस्ताक्षर और प्रमाणन के लिए उन्हें बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
वहीं पंचायत में फर्जी NOC जारी किए जाने के आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि NOC से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच द्वारा गांव की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान कराने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में तालाबंदी कर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
अब सवाल यह है कि क्या देवरी पंचायत में ग्रामीणों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? फर्जी NOC के आरोपों का सच क्या है? और पंचायत के कामकाज में लापरवाही के आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा?