शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत भाजीपानी स्थित काली मंदिर परिसर में कथित रूप से अवैध निर्माण कराया जा रहा था। इसे लेकर पत्रकार प्रमोद शर्मा ने जनहित और सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामले का हवाला देते हुए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के निराकरण के लिए राजस्व विभाग की पटवारी टीम मौके पर जांच और पंचनामा कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पत्रकार भी शिकायतकर्ता के रूप में मौके पर मौजूद थे।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मौके पर पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। पत्रकार की शिकायत में स्थानीय निवासी भूरा कौरव तथा भूतपूर्व सरपंच और भाजपा के पगारा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मनीष उर्फ सोनू यादव के मौके पर पहुंचने का उल्लेख है। आरोप है कि दोनों ने पंचनामा कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया।
पत्रकार प्रमोद शर्मा ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि मौके पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, उनके खिलाफ अवैध वसूली से जुड़े आरोप लगाए जाने और पुलिस में शिकायत करने की धमकी देकर दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया।
घटना के बाद पत्रकार ने पूरे मामले की जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक को दी। शिकायती आवेदन में उन्होंने कथित रूप से शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
शिकायत में पत्रकार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर प्रशासन से भी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही गई है।
यह मामला सार्वजनिक स्थल पर निर्माण को लेकर की गई शिकायत, राजस्व विभाग की जांच प्रक्रिया और शिकायतकर्ता को कथित धमकी से जुड़ा है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री के आधार पर नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।