सक्ती में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई, FIR के बाद भी आरोपी फरार

सक्ती जिले के मिरौनी महानदी घाट पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में खनिज विभाग की शिकायत पर थाना हसौद में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में मुख्य आरोपी धीरज साहू सहित पांच लोगों के खिलाफ खनिज अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

Jul 3, 2026 - 13:58
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सक्ती में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई, FIR के बाद भी आरोपी फरार

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l सक्ती जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिरौनी महानदी घाट से जुड़े मामले में थाना हसौद में एफआईआर दर्ज कराई है। खनिज विभाग की शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 122/2026 दर्ज किया गया है। मामले में मुख्य आरोपी धीरज साहू सहित कुल पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार, मिरौनी महानदी घाट से बिना वैध अनुमति रेत का उत्खनन कर उसका परिवहन किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान एक चेन माउंटेन (जेसीबी) और तीन हाईवा वाहनों को जब्त किया गया, जिनका उपयोग कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में किया जा रहा था।

मामले में मुख्य आरोपी के अलावा चेन माउंटेन चालक तथा तीन हाईवा चालकों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

प्रशासन का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के कारण शासन को लाखों रुपये के राजस्व का अनुमानित नुकसान हुआ है। यही कारण है कि खनिज विभाग लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रहा है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब वाहन जब्त हो चुके हैं और नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है, तब गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है। इस कारण कार्रवाई की गति और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कुछ स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से संबंधित अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। हालांकि इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल थाना हसौद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भी संकेत दिए हैं कि अवैध रेत खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।