बुंदेली पंचायत में दुकान आवंटन विवाद, एसडीएम ने प्रक्रिया पर लगाई रोक

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की ग्राम पंचायत बुंदेली में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम गंडई-छुईखदान ने आवंटन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। शिकायतकर्ताओं ने नियमों की अनदेखी, सार्वजनिक नीलामी नहीं कराने और निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Jul 3, 2026 - 14:02
 0  10
बुंदेली पंचायत में दुकान आवंटन विवाद, एसडीएम ने प्रक्रिया पर लगाई रोक

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, खैरागढ़ l खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की ग्राम पंचायत बुंदेली में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आवंटन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी की शिकायत मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गंडई-छुईखदान ने दुकानों के आवंटन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा भी ग्रामीणों को दिया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत ने दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 तथा पंचायत राज संपत्ति अंतरण नियम, 1994 के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दुकानों का आवंटन सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया अपनाए बिना किया गया और आरक्षण से संबंधित नियमों की भी अनदेखी हुई, जिससे पात्र हितग्राहियों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत द्वारा निर्मित दुकानों का निर्माण तकनीकी मानकों और सड़क सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए ताकि यदि किसी प्रकार की कमी या अनियमितता है तो वह सामने आ सके।

मामला केवल दुकान आवंटन तक सीमित नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के वर्तमान कार्यकाल में हुए विभिन्न विकास कार्यों, वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के कई फैसले पहले भी विवादों में रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा प्रभावित हुआ है।

कुछ ग्रामीणों ने पंचायत से जुड़े औद्योगिक परियोजनाओं के प्रस्तावों और अन्य प्रशासनिक निर्णयों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने दुकान आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इससे फिलहाल किसी भी दुकान का आवंटन नहीं किया जाएगा, जब तक कि मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।

अब पूरे मामले पर ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो प्रशासन आगे की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी करेगा।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यों और संपत्तियों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति न हो और लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।