बालोद में प्रतिबंध के बीच बोर खनन का आरोप, ग्राम मटिया में जांच के बाद कार्रवाई पर निगाहें

बालोद जिले के ग्राम मटिया में कलेक्टर के प्रतिबंध आदेश के बावजूद कथित रूप से बोर खनन किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर राजस्व टीम मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार टीम के पहुंचने से पहले बोर मशीन वहां से निकल गई। प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Jun 30, 2026 - 15:10
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बालोद में प्रतिबंध के बीच बोर खनन का आरोप, ग्राम मटिया में जांच के बाद कार्रवाई पर निगाहें

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले में बोर खनन पर लागू प्रतिबंध के बीच ग्राम मटिया में कथित रूप से बिना अनुमति बोरवेल खनन किए जाने का मामला सामने आया है। यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग नौ किलोमीटर दूर स्थित है। मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। हालांकि, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि टीम के पहुंचने से पहले संबंधित बोर मशीन वहां से निकल गई। इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार, जिले में भीषण गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने 30 जून तक जिले में बोर खनन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। इस दौरान बिना अनुमति किसी भी प्रकार का बोरवेल खनन प्रतिबंधित था। ऐसे में ग्राम मटिया में कथित रूप से बोर मशीन के संचालन की सूचना मिलने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह ग्राम मटिया में वाहन क्रमांक CG24W6387 के माध्यम से बोर खनन किए जाने की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंची। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग को अवगत कराया गया। बताया जा रहा है कि तहसीलदार आशुतोष शर्मा के निर्देश पर पटवारी की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व टीम के पहुंचने से पहले ही कथित रूप से बोर मशीन संचालक अपनी मशीन लेकर वहां से निकल गया। समाचार लिखे जाने तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी कि मौके पर बोर खनन हुआ था या नहीं तथा संबंधित मशीन संचालक के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई है या नहीं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि प्रतिबंध अवधि के दौरान बिना अनुमति बोर खनन किया गया है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। वहीं यदि सूचना सही थी, तो प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले मशीन के वहां से हट जाने की परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामले में जांच किस स्तर पर पहुंची है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में प्रतिबंध का उल्लंघन सिद्ध होता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या प्रतिबंध आदेश के उल्लंघन के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।