समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संविधान के मूल्यों को अपनाने का दिया संदेश

रायपुर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता भोज में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने संविधान के मूल्यों को अपनाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया।

Apr 15, 2026 - 13:54
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समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संविधान के मूल्यों को अपनाने का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ भाजपा द्वारा समरसता भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संविधान के मूल्यों को याद रखना और उन्हें जीवन में अपनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसका संविधान सभी नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जो व्यवस्था बनाई, वह आज भी देश को दिशा दे रही है।

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि समरसता भोज जैसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं। वहीं विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने का मजबूत आधार मिला है।

कार्यक्रम की सराहना करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने इसे प्रदेश का पहला और भव्य आयोजन बताया। उन्होंने झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संजू नारायण सिंह एवं जिला संयोजक बृजेश अग्रवाल को इस आयोजन के लिए बधाई दी।

समरसता भोज में भाजपा प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय, विधायक अखिलेश सोनी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक साथ भोजन कर सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। इस आयोजन ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर एकता और सहयोग की भावना को मजबूत किया।

अंत में सभी ने बाबा साहेब के विचारों को अपनाने और संविधान के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल एक सामाजिक आयोजन था, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और एकजुटता का संदेश देने का महत्वपूर्ण अवसर भी साबित हुआ।