जनपद पंचायत बेरला में दो CEO से बढ़ी परेशानी, विकास कार्य प्रभावित, विधायक से मिले जनप्रतिनिधि
बेमेतरा के बेरला जनपद पंचायत में दो CEO की नियुक्ति से प्रशासनिक अव्यवस्था और विकास कार्य प्रभावित होने की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने विधायक दीपेश साहू से की।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जनपद पंचायत बेरला में दो मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की नियुक्ति के चलते उत्पन्न प्रशासनिक अव्यवस्था और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने विधायक दीपेश साहू से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। यह मुलाकात विधायक के निवास कार्यालय में हुई, जहां जनपद सदस्यों ने विस्तृत चर्चा करते हुए स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया।
जनपद सदस्यों ने बताया कि एक ही जनपद में दो CEO की नियुक्ति के कारण प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। निर्माण कार्यों की गति धीमी हो गई है और विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब हो रहा है। इसके अलावा बैठकों के आयोजन और निर्णय प्रक्रिया में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सदस्यों का कहना है कि दोनों अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय का अभाव है, जिसके कारण जनप्रतिनिधियों और सरपंचों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय की बर्बादी हो रही है और क्षेत्र के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने इस व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इस दोहरी व्यवस्था के चलते पारदर्शिता में कमी आई है। विशेष रूप से CEO दीप्ती मंडावी पर लेनदेन (भ्रष्टाचार) के आरोप लगाए गए हैं। सदस्यों के अनुसार, निर्माण कार्यों और फाइलों के निष्पादन में अनियमितताएं सामने आ रही हैं और बिना लेनदेन के कार्यों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले सरपंच संघ द्वारा भी इसी प्रकार के आरोप लगाए जा चुके हैं, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय विकास पूरी तरह ठप हो सकता है।
सभी जनपद सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि प्रशासनिक व्यवस्था को स्पष्ट किया जाए और एकल जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जनपद में पारदर्शिता और सुचारू कार्यप्रणाली स्थापित हो सके।
विधायक दीपेश साहू ने जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि इस पूरे मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि भ्रष्टाचार या लेनदेन के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की बात कही।
इस दौरान कई जनपद सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर क्षेत्र के विकास और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की मांग को दोहराया।