दो बाघों की खाल और पैंगोलिन की खाल के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
गरियाबंद में वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दो संदिग्धों को दो बाघों की खाल और पैंगोलिन की खाल के बड़े जखीरे के साथ गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में इंद्रावती-अबूझमाड़ क्षेत्र में शिकार के सुराग मिले हैं। मामले की जांच जारी है।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजुर l वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने दो संदिग्धों को दो बाघों की खाल और पैंगोलिन की खाल के बड़े जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गरियाबंद पुलिस से मिली सूचना और आपसी समन्वय के आधार पर की गई। वन विभाग इसे हाल के वर्षों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मान रहा है
वन विभाग के अनुसार छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो बाघों की खाल बरामद की गई। इनमें से एक खाल का आगे का पंजा गायब मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वन्यजीवों के अन्य अंगों की भी अलग से तस्करी की गई हो सकती है। कार्रवाई के दौरान पैंगोलिन की खाल का बड़ा जखीरा भी जब्त किया गया, जो वन्यजीव अपराध के गंभीर स्वरूप की ओर संकेत करता है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के तार महाराष्ट्र के चंद्रपुर और पाखंजूर क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। वहीं जांच के दौरान ऐसे सुराग भी मिले हैं कि बरामद बाघों का शिकार इंद्रावती और अबूझमाड़ के वन क्षेत्रों में किया गया हो सकता है। हालांकि वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन तथ्यों की विस्तृत जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पूरा मामला पश्चिम पारलकोट परिक्षेत्र, भानुप्रतापपुर वन मंडल में दर्ज किया गया है। बरामद वन्यजीव अवशेषों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी ताकि शिकार और तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
वन अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पुलिस विभाग से हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वन्यजीव अपराध से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग या पुलिस को दें, ताकि जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।