35 वर्षों की सेवाओं को मिला सम्मान, एसडीओ नंदकुमार सिन्हा और रेंजर रामेश्वर सिंह यादव को भावभीनी विदाई
फरसगांव वन परिक्षेत्र में एसडीओ नंदकुमार सिन्हा और रेंजर रामेश्वर सिंह यादव के सेवानिवृत्त होने पर वन विभाग ने विदाई समारोह आयोजित किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके 35 वर्षों के सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा और वन संरक्षण में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए सम्मानित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l उप वन मंडल अंतर्गत फरसगांव वन परिक्षेत्र में एसडीओ नंदकुमार सिन्हा और रेंजर रामेश्वर सिंह यादव के सेवानिवृत्त होने पर वन विभाग परिवार की ओर से भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में फरसगांव और बड़ेडोंगर रेंज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों अधिकारियों के लगभग 35 वर्षों के सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा और विभाग के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
इस अवसर पर दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों का पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नंदकुमार सिन्हा और रामेश्वर सिंह यादव ने अपने पूरे कार्यकाल में अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया। उनके अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और मार्गदर्शन से वन विभाग को लगातार लाभ मिला तथा उनके कार्य नई पीढ़ी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
विदाई समारोह में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना करते हुए कहा कि सेवा से सेवानिवृत्ति केवल शासकीय दायित्वों का अंत है, समाज और पर्यावरण के प्रति योगदान का नहीं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अपने संबोधन में नंदकुमार सिन्हा और रामेश्वर सिंह यादव ने लंबे शासकीय सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विभाग में नियुक्ति के पहले दिन से लेकर सेवा के अंतिम दिन तक उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी।
दोनों अधिकारियों ने कहा कि विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अनेक महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए सभी सहकर्मियों, अधिकारियों और क्षेत्र के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही विश्वास दिलाया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे पर्यावरण संरक्षण और समाजहित के कार्यों से जुड़े रहेंगे तथा अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
उन्होंने विभाग के कर्मचारियों से भी ईमानदारी, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हुए वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है और इसमें प्रत्येक कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
समारोह में डिप्टी रेंजर पीलाराम दीवान, पवन नाग, शिवनाथ सेठिया, मंगली नेताम, वनपाल यशवंत लाल नायक, मोहनलाल नाग, द्वारिका प्रसाद नाईक, गजेंद्र नाईक, मानसिंह नेताम, मोहन पुजारी, गुदराम मरकाम, श्रवण नेताम, अनिल मरकाम, संगीता नेताम, चांदनी मरकाम, भुवनेश्वर पांडे, महेंद्र मंडावी, किशन बघेल, रतन नेताम, भूपेंद्र नाग, खगेश्वर दीवान, दीनदयाल कोर्राम, राम सूरज कोर्राम, किशोर भुआर्य, आदित्य वर्मा, हरि नेताम, गोविंद शोरी, सरिता मरकाम, सुनीता नेताम, चैन सिंह भोयर सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।