‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत 13 अगस्त से शुरू होगा ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान

बेमेतरा जिले में भूजल स्तर के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत 13 अगस्त 2026 से ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के माध्यम से प्रत्येक परिवार को अपने घर में कम से कम एक सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वर्षा जल को जमीन में पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा सके। जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं और नागरिकों की सहभागिता से इसे जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जाएगा।

Aug 13, 2026 - 12:59
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‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत 13 अगस्त से शुरू होगा ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले में भूजल स्तर के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संवर्धन की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण जनअभियान शुरू किया जा रहा है। ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत 13 अगस्त 2026 से ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान प्रारंभ होगा। इसका उद्देश्य जिले के प्रत्येक परिवार को जल संरक्षण से जोड़ना, वर्षा जल को जमीन में पहुंचाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

हर घर बनेगा जल संरक्षण का केंद्र

अभियान के तहत जिले के प्रत्येक घर में जनसहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से कम से कम एक सोख्ता गड्ढा बनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। घर की छत और आसपास की सतह से प्राप्त वर्षा जल को सोख्ता गड्ढे के माध्यम से जमीन में पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

जिला प्रशासन द्वारा अभियान के क्रियान्वयन के लिए नागरिकों को सोख्ता गड्ढे के निर्माण की तकनीकी जानकारी, आवश्यक मार्गदर्शन और उपयोगी सुझाव उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।

‘संतान के नाम’ से जुड़ा भविष्य का संकल्प

अभियान को ‘संतान के नाम’ से जोड़ने का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल वर्तमान की जरूरत न मानकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करना है। प्रत्येक परिवार द्वारा अपने घर में एक सोख्ता गड्ढे का निर्माण आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित और पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में पानी बहकर नालियों और अन्य जल निकासी मार्गों से बाहर चला जाता है। सोख्ता गड्ढों के माध्यम से वर्षा जल को जमीन में उतारकर भूजल पुनर्भरण किया जा सकता है। इससे जल स्रोतों पर दबाव कम करने के साथ भविष्य में जल संकट की संभावनाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी।

जनभागीदारी से बनेगा जल संरक्षण का जनआंदोलन

जिला प्रशासन का मानना है कि जल संरक्षण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक और परिवार की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ अभियान को जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है।

जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे 13 अगस्त 2026 को अपने घर में एक सोख्ता गड्ढा बनाकर अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण के इस संकल्प को परिवार, पड़ोस और गांव के अन्य लोगों तक पहुंचाएं। एक परिवार—एक सोख्ता की पहल से जिले में बड़ी संख्या में सोख्ता गड्ढों का निर्माण होने पर वर्षा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण में सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

आज का प्रयास, आने वाली पीढ़ी के लिए जल सुरक्षा

‘एक सोख्ता, संतान के नाम’ केवल निर्माण गतिविधि नहीं, बल्कि जल के प्रति जिम्मेदारी और भविष्य के प्रति संकल्प का अभियान है। प्रत्येक परिवार द्वारा बनाया गया एक सोख्ता गड्ढा आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सौगात के रूप में देखा जा रहा है।

जिला कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने, अपने घर में सोख्ता गड्ढे का निर्माण करने और परिवार, पड़ोस एवं गांव के अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने की अपील की है। सामूहिक जनभागीदारी से बेमेतरा जिले में जल संरक्षण को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।