PLP जांच को CMHO के विरुद्ध शिकायत से जोड़ना भटकाने का प्रयास, CHO संघ ने कहा—दोनों मामलों की अलग-अलग हो उच्च स्तरीय जांच

प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि CMHO बेमेतरा के विरुद्ध संघ की शिकायत का PLP प्रोत्साहन राशि की पूर्व जांच से कोई संबंध नहीं है। संघ ने दोनों मामलों को अलग-अलग रखने और स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संघ के अनुसार यदि PLP भुगतान में अनियमितता हुई है तो डेटा तैयार करने, सत्यापन, प्रमाणीकरण और भुगतान प्रक्रिया में शामिल सभी स्तरों की जांच होनी चाहिए। वहीं CMHO के विरुद्ध कार्यस्थल पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान और सुरक्षित वातावरण से जुड़ी शिकायत की भी स्वतंत्र जांच की जाए।

Aug 13, 2026 - 12:56
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PLP जांच को CMHO के विरुद्ध शिकायत से जोड़ना भटकाने का प्रयास, CHO संघ ने कहा—दोनों मामलों की अलग-अलग हो उच्च स्तरीय जांच

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि CMHO बेमेतरा के विरुद्ध संघ द्वारा की गई शिकायत का पूर्व में चल रही PLP प्रोत्साहन राशि संबंधी जांच से कोई संबंध नहीं है। संघ ने आरोप लगाया कि PLP जांच का हवाला देकर वर्तमान शिकायत को उससे जोड़ना मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

संघ के अनुसार CMHO बेमेतरा द्वारा जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और मीडिया के समक्ष PLP प्रोत्साहन राशि की जांच का उल्लेख करते हुए यह प्रस्तुत किया जा रहा है कि CHO संघ ने उसी जांच के कारण वर्तमान शिकायत की है। प्रदेश संघ ने इसे तथ्यात्मक रूप से अलग दोनों मामलों को आपस में जोड़ने का प्रयास बताया है।

संघ ने कहा कि वर्तमान शिकायत का विषय कार्यस्थल पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सम्मान, सुरक्षित कार्य वातावरण और कथित अनुचित व्यवहार से संबंधित है। इसलिए इसे किसी वित्तीय अथवा PLP जांच से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

PLP केवल CHO को मिलने वाली राशि नहीं

प्रदेश संघ ने स्पष्ट किया कि PLP प्रोत्साहन राशि केवल CHO संवर्ग तक सीमित नहीं है। संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या क्षेत्र के निर्धारित स्वास्थ्य डेटा के आधार पर पात्रतानुसार अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ-साथ मितानिनों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी संबंधित प्रोत्साहन राशि या भुगतान प्राप्त होता है।

संघ के अनुसार पोर्टल पर दर्ज डेटा भी केवल CHO द्वारा स्वतंत्र रूप से तैयार नहीं किया जाता। इसमें मितानिनों और उप-स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी शामिल होती है। इसे मासिक रिपोर्ट प्रपत्र में संकलित कर सेक्टर सुपरवाइजर से प्रमाणित कराने के बाद ब्लॉक स्तर पर प्रस्तुत किया जाता है।

इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिकारी तथा ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक डेटा मैनेजर, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक और खंड चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक सत्यापन एवं प्रमाणीकरण किया जाता है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही डेटा को भुगतान के लिए पोर्टल पर लॉक किया जाता है।

अनियमितता है तो पूरी प्रक्रिया की हो जांच

प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने कहा कि यदि PLP प्रोत्साहन राशि के भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो संघ स्वयं भी इसकी त्वरित, निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच के पक्ष में है। जांच केवल CHO तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि डेटा उपलब्ध कराने, तैयार करने, प्रमाणित करने, सत्यापन करने और भुगतान के लिए लॉक करने की पूरी प्रक्रिया में शामिल सभी स्तरों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।

संघ ने कहा कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर गलत भुगतान अथवा अनियमितता के लिए कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और राशि की वसूली की जाए।

CMHO के विरुद्ध शिकायत की हो स्वतंत्र जांच

प्रदेश संघ ने मांग की कि PLP प्रोत्साहन राशि संबंधी जांच और CMHO बेमेतरा के विरुद्ध CHO संघ द्वारा की गई कार्यस्थल संबंधी शिकायत को पूर्णतः अलग रखा जाए। संघ का कहना है कि वित्तीय अनियमितता की जांच आवश्यक है, लेकिन उसके आधार पर महिला कर्मचारियों की गरिमा और कार्यस्थल के वातावरण से संबंधित शिकायत को कमजोर अथवा भटकाया नहीं जाना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने कहा कि संघ किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई का समर्थन करता है, चाहे वह किसी भी संवर्ग या पद पर हो। साथ ही CMHO के विरुद्ध प्रस्तुत शिकायतों की स्वतंत्र, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि दोनों मामलों को आपस में जोड़ने के बजाय शासन-प्रशासन को शिकायतों की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग जांच कराकर तथ्य सामने लाने चाहिए। संघ की मांग है कि PLP की जांच पूरी प्रक्रिया के स्तर पर हो और CMHO के विरुद्ध शिकायत की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हो, लेकिन दोनों प्रकरणों को आपस में जोड़कर मूल मुद्दे को भटकाया न जाए।