प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में कथित सुस्ती और कुप्रबंधन के कारण प्रदेश के कई जिलों में पेयजल संकट गहराया है। यह बयान कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित विभाग या राज्य सरकार की प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू किया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अनेक पेयजल परियोजनाओं की गति धीमी पड़ गई है। उनका आरोप है कि ठेकेदारों के भुगतान में देरी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कथित उदासीनता के कारण कई क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है।
कांग्रेस का दावा है कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर और सूरजपुर सहित कई जिलों में पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। बयान में कहा गया कि राजधानी रायपुर के अनेक वार्डों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित है और कई इलाकों में लोगों की टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। पार्टी ने इसे सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया है।
सुरेन्द्र वर्मा ने आरोप लगाया कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट, वनों की कटाई, भूजल के अत्यधिक दोहन और जल स्रोतों के समुचित संरक्षण के अभाव के कारण स्थिति और गंभीर हुई है। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप और बोरवेल पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं, जिससे लोगों को वैकल्पिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। कांग्रेस का यह भी दावा है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत कई स्थानों पर अधिकांश कार्य पूर्ण होने के बावजूद योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य के कई जलाशयों में जल स्तर पिछले वर्ष की तुलना में कम है और सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के बजाय उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने पर अधिक केंद्रित है। कांग्रेस ने दावा किया कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति गहराई है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से पेयजल संकट से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने, जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने, खराब पेयजल परियोजनाओं की मरम्मत कराने और प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह समाचार छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा राज्य सरकार या संबंधित विभाग का पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है। यदि इस विषय पर सरकार या संबंधित एजेंसी की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए ताकि पाठकों के सामने सभी पक्षों की जानकारी उपलब्ध हो सके।