बारिश में खुले गड्ढों से बच्चों की सुरक्षा पर आयोग सख्त, नगरीय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बारिश के दौरान खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को सख्त अनुशंसा जारी की है। आयोग ने सभी खतरनाक स्थानों का सर्वे कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और 7 जुलाई 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

Jun 30, 2026 - 18:19
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बारिश में खुले गड्ढों से बच्चों की सुरक्षा पर आयोग सख्त, नगरीय प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मानसून के दौरान खुले गड्ढों और निर्माणाधीन स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों के अधिकारियों को सख्त अनुशंसा जारी की है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस दिशा में तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए जाएं।

आयोग ने बताया कि उसके संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें कॉलोनियों में निर्माण कार्य के दौरान खुले छोड़े गए गड्ढों, सड़कों पर बने गड्ढों अथवा बारिश के कारण ढकी हुई नालियों में गिरकर बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। आयोग ने इन घटनाओं को अत्यंत दुखद बताते हुए इसे बच्चों के जीवन के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना है।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13 एवं सहपठित धारा 15 के तहत आयोग ने अनुशंसा क्रमांक आर-191/30.06.2026 जारी की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि सभी नगरीय क्षेत्रों में तत्काल विशेष सर्वे अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान की जाए। जहां संभव हो वहां गड्ढों को भरने की कार्रवाई की जाए, अन्यथा उनके चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए ताकि बच्चे वहां दुर्घटना का शिकार न हों।

आयोग ने निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को भी निर्देश जारी करने की अनुशंसा की है। इसमें कहा गया है कि निर्माण कार्य के लिए खोदे गए नींव, कॉलम अथवा अन्य प्रकार के गड्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाना अनिवार्य किया जाए। साथ ही संवेदनशील निर्माण स्थलों पर चौकीदार या सुरक्षाकर्मी की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों को संभावित खतरे से बचाया जा सके।

आयोग ने यह भी उल्लेख किया है कि बारिश के दौरान छोटे और बड़े गड्ढों में अंतर स्पष्ट नहीं दिखाई देता। ऐसे में स्कूल आने-जाने वाले या खेलते समय बच्चे अनजाने में गहरे गड्ढों में गिर सकते हैं, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। इसलिए इस विषय को अत्यधिक संवेदनशील मानते हुए राज्य स्तर से व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता बताई गई है।

अनुशंसा में यह भी कहा गया है कि जिला कलेक्टर और नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी इस विषय को प्राथमिकता दें तथा नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में इसे शामिल कर कार्रवाई की निगरानी करें। आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग और संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की है कि इस संबंध में जारी निर्देशों और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 7 जुलाई 2026 तक आयोग को उपलब्ध कराई जाए।

मानसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर जारी यह अनुशंसा नगरीय निकायों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तय करती है। यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाते हैं, तो खुले गड्ढों और निर्माण स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।