कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और ऊंचे सपनों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, नियमित अध्ययन और कठिन परिश्रम ही सफलता का वास्तविक आधार हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा के साथ उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार और विस्तार के लिए कार्य कर रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को अपनी क्षमता विकसित करने के लिए बेहतर अवसर मिलें और वे देश एवं समाज के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रहने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। एक सफल नागरिक वही होता है, जो अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाज और देश के हित में करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित हुए सभी विद्यार्थी केवल अपने परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय हैं। उनकी उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगी और प्रदेश में उत्कृष्ट शिक्षा की संस्कृति को मजबूत बनाएंगी।
समारोह में प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक और नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने और अपने सपनों को साकार करने का संदेश दिया गया।